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सीकर में शिक्षकों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, उपखंड मुख्यालयों पर गूंजा आक्रोश


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सीकर में शिक्षकों का बड़ा शक्ति प्रदर्शन, उपखंड मुख्यालयों पर गूंजा आक्रोश

महासंघ की चेतावनी “अब नहीं चलेगी अनदेखी, आर-पार की लड़ाई को तैयार शिक्षक”

सीकर : सीकर जिले के सभी उपखंड मुख्यालयों पर आज टीचर्स ने विरोध-प्रदर्शन किया। तपती दोपहर में सैकड़ों टीचर्स सैलरी विसंगति, DPC करवाने और ग्रीष्मावकाश बहाली समेत कई मांगों को लेकर सड़कों पर निकले। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले टीचर्स ने कल्याण सर्किल से कलेक्ट्रेट तक आक्रोश रैली निकाली। 7 सूत्रीय मांग लिखी तख्तियां हाथ में लेकर टीचर्स रैली में शामिल हुए। मांग नहीं माने जाने पर 29 मई को प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी दी।

शिक्षा व्यवस्था को बदहाल किया, आंदोलन की दी चेतावनी

टीचर्स यूनियन प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह ने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग की हठधर्मिता ने टीचरों को आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है। अब टीचर चुप बैठने वाले नहीं हैं और 7 सूत्रीय मांगों पर जल्द पॉजिटिव निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान टीचर्स ने अवकाश कटौती में दोहरे मापदंड, प्रमोशन व पोस्टिंग में अनियमितताओं, थर्ड ग्रेड टीचर्स के पेंडिंग ट्रांसफर, सैलरी प्रॉब्लम्स के लिए सरकार और शिक्षा विभाग की तानाशाही कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा व्यवस्था को बदहाल करने का आरोप लगाया।

महासंघ के जिलाध्यक्ष कल्याण सिंह व जिला महिला मंत्री नीतू शर्मा ने चेतावनी दी कि सरकार ने जल्द ही पॉजिटिव डिसीजन नहीं लिया तो 29 मई को सभी जिला मुख्यालयों पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

ये हैं टीचर्स की 7 प्रमुख मांग-

  • शिक्षकों को मिलने वाले ग्रीष्मावकाश में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाए। सत्र 2026-27 के लिए जारी शिविरा कैलेंडर में संशोधन किया जाए।
  • तृतीय वेतन श्रृंखला सहित शेष सभी संवर्गों के ट्रांसफर किए जाए।
  • थर्ड ग्रेड टीचर्स की पिछले सालों से पेंडिंग प्रमोशन किए जाएं।
  • 2019 से अब तक क्रमौन्नत सभी स्कूलों में पदों की वित्तिय स्वीकृति जारी कर स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार पद सृजित कर पदस्थापन किया जाए तथा टीचर्स को समस्त गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए।
  • RGHS को सुचारु रुप से जारी रखा जाए।
  • प्रबोधक व तृतीय चेतन श्रृंखला शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर किया जाए।
  • संविदा शिक्षकों को नियमित करने के साथ ही संगठन के पेंडिंग मांगपत्र के बिंदुओं पर चर्चा कर समाधान किया जाए।

देखें प्रदर्शन के PHOTOS

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