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सिंघानिया विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्यशाला आयोजित


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सिंघानिया विश्वविद्यालय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कार्यशाला आयोजित

सिंघानिया विश्वविद्यालय में एआई पर कार्यशाला: डिजिटल रेडीनेस और एडवांसमेंट पर जोर

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : अयूब खान 

पचेरी कलां : सिंघानिया विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय परिसर में “एआई फॉर डिजिटल रेडीनेस एंड एडवांसमेंट (ADiRA)” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नवीनतम विकास और उसके व्यावहारिक उपयोग से अवगत कराना रहा। इसमें करीब 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के अंतर्गत ADiRA पहल के बारे में जानकारी दी गई, जिसे एशिया वेंचर फिलैंथ्रोपी नेटवर्क द्वारा Google.org और एशियाई विकास बैंकके सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत में एआई-रेडी कार्यबल तैयार करना है।

मुख्य वक्ता के रूप में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के वैज्ञानिक डॉ. निमेष कपूर ने एआई के शिक्षा, अनुसंधान और मीडिया क्षेत्र में उपयोगिता पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिभागियों को विभिन्न नए एआई टूल्स से परिचित कराते हुए बताया कि इनका सही उपयोग शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि एआई आज के समय में हमारी व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। उन्होंने विश्वविद्यालय में उन्नत शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए दो स्मार्ट स्क्रीन का भी उद्घाटन किया।

एसजेएमसी के डीन डॉ. मनोज वर्गीस ने सत्र का संचालन करते हुए एआई आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को एआई के मूल सिद्धांतों, उसके अनुप्रयोगों और जिम्मेदार उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही, आम गलतफहमियों को दूर करते हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी फोकस रखा गया। प्रतिभागियों को ई-प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि भारत तेजी से एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह तकनीक शिक्षा, उद्योग और प्रशासन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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