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नोबल स्कूल देवलावास का अनूठा कीर्तिमान


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नोबल स्कूल देवलावास का अनूठा कीर्तिमान

घर-घर पहुंचकर हो रहा प्रतिभाओं का सम्मान, बेटियों को स्कूटी से बढ़ाया हौसला

बुहाना : क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके नोबल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, देवलावास ने एक बार फिर अनूठी पहल कर मिसाल पेश की है। विद्यालय द्वारा ‘छात्र गौरव सम्मान यात्रा’ के माध्यम से गांव-गांव जाकर मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण अंचल में शिक्षा के प्रति नई जागरूकता देखने को मिल रही है।

गांव के मैदान में गूंजा सम्मान समारोह

इस अभियान के तहत भीर गांव के खेल मैदान में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जहां विद्यालय प्रबंधन स्वयं पहुंचा। समारोह में 10वीं/12वीं की टॉपर छात्रा को स्कूटी भेंट कर सम्मानित किया गया। सार्वजनिक स्थल पर हुए इस आयोजन को देखकर ग्रामीण भावुक और उत्साहित नजर आए।

बेटियों को विशेष प्रोत्साहन

विद्यालय द्वारा बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए टॉपर छात्राओं को स्कूटी और अन्य मेधावी विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की जा रही है, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़े और वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हों।

स्कूल खुद पहुंच रहा छात्रों के घर

इस पहल की सबसे खास बात यह है कि विद्यालय विद्यार्थियों को बुलाने के बजाय खुद उनके गांव और घर जाकर सम्मान कर रहा है। इससे छात्रों और उनके परिवारों में गर्व की भावना और भी अधिक बढ़ रही है।

बोर्ड ही नहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता

विद्यालय की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में घोषित RAS परीक्षा परिणाम में भी स्कूल के पूर्व छात्र ने सफलता हासिल कर संस्थान का नाम रोशन किया है।

“50 डॉक्टर बनाने का लक्ष्य”

कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक संदीप नेहरा ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल बोर्ड परीक्षा तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्र से कम से कम 50 डॉक्टर तैयार करना है, ताकि यहां की प्रतिभाएं बिना बड़े शहरों में जाए भी ऊंचाइयों तक पहुंच सकें।”

ग्रामीणों में उत्साह, शिक्षा को नई दिशा

भीर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में इस सम्मान यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों ने इस पहल को शिक्षा और समाज के विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया।

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