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जसरापुर में भेड़-बकरियों को फड़किया रोग से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू


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जसरापुर में भेड़-बकरियों को फड़किया रोग से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू

जसरापुर में भेड़-बकरियों को फड़किया रोग से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : उपखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत जसरापुर में पशुपालक पाठशाला के तहत सोमवार को पशुपालन विभाग की टीम द्वारा भेड़-बकरियों में फड़किया रोग से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गई। यह अभियान कोठी की ढाणी और माताजी की ढाणी में चलाया जा रहा है, जिसमें पशुपालकों को जागरूक भी किया जा रहा है।पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ योगेश आर्य ने बताया कि गेहूं की कटाई के बाद खाली खेतों में चराई के दौरान भेड़-बकरियों में फड़किया रोग के मामले बढ़ने लगते हैं। यह एक जीवाणु जनित रोग है, जिसके जीवाणु सामान्य रूप से पशुओं के पेट में मौजूद रहते हैं, लेकिन अधिक दाना, स्टार्चयुक्त आहार या अपचा भोजन के कारण आंतों का वातावरण बदलने पर ये सक्रिय होकर टॉक्सिन छोड़ते हैं, जिससे बीमारी हो जाती है।

उन्होंने बताया कि गेहूं के खेतों में पड़ी बालियां और दाने अधिक मात्रा में खाने से इस रोग की संभावना बढ़ जाती है। फड़किया रोग को ओवर ईटिंग डिजीज भी कहा जाता है, जिसमें कई बार पशु शाम को स्वस्थ दिखाई देता है, लेकिन सुबह मृत पाया जाता है। बेमौसम बारिश के बाद उगी रसीली घास या कोंपल खाने से भी यह रोग फैल सकता है।रोग के लक्षणों में पेट दर्द, पैरों का साइकिल चलाने की तरह चलना, मांसपेशियों में फड़कन और दस्त शामिल हैं। डॉ आर्य ने बताया कि टीकाकरण के दो सप्ताह बाद बूस्टर डोज लगाने से बेहतर प्रतिरक्षा विकसित होती है।

पशुपालक पाठशाला अभियान के तहत पशुपालकों को जागरूक करने के लिए एनीमेटेड एआई जनरेटेड वीडियो दिखाए जा रहे हैं और पोस्टर वितरित किए जा रहे हैं, ताकि इस रोग से बचाव किया जा सके।टीकाकरण अभियान में पशुधन निरीक्षक अलका चौधरी, प्रियंका, पूजा, मनीषा, सचिन तथा पशुधन परिचर मंदरूप, ममता और पूनम सहित टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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