26 साल से शरीर में धंसी गोली:घायल होकर भी बदमाश को पकड़ा, धोद थानाधिकारी की कहानी बनी मिसाल
26 साल से शरीर में धंसी गोली:घायल होकर भी बदमाश को पकड़ा, धोद थानाधिकारी की कहानी बनी मिसाल
धोद : राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के अवसर पर धोद थानाधिकारी अमर सिंह की कहानी सामने आई है। वे पिछले 26 वर्षों से अपने शरीर में धंसी गोली के बावजूद पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पुलिस सेवा निभा रहे हैं।
यह घटना जुलाई 2000 की है, जब अमर सिंह खैरथल (अलवर) में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। उन्हें एक चेक पोस्ट पर ड्यूटी के दौरान हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बदमाशों के सक्रिय होने की सूचना मिली थी। सूचना पर वे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां दो संदिग्ध बदमाश मौजूद थे।
बदमाश की गोली से घायल हुए
जब अमर सिंह ने एक बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया, तो उसने पिस्टल से उन पर गोली चला दी। गोली उनके पेट को चीरती हुई अंदर जा धंसी और कूल्हे के पास अटक गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, अमर सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और बदमाश का पीछा कर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
आंतों में 14 जगहों पर चोट आई
अमर सिंह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि गोली लगने से उनकी आंतों में 14 जगह गंभीर चोटें आई थीं। गोली निकालना अत्यधिक जोखिम भरा होने के कारण डॉक्टरों ने उसे शरीर में ही रहने देने का निर्णय लिया। इलाज के बाद वे धीरे-धीरे स्वस्थ हो गए।
गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित हो चुके
इस साहसिक कार्य के लिए अमर सिंह को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया और उन्हें पदोन्नति भी मिली। वे हेड कांस्टेबल से उप-निरीक्षक (एसआई) बने और वर्तमान में धोद थानाधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
अमर सिंह ने बताया कि शुरुआत में गोली के कारण उन्हें काफी तकलीफ होती थी, लेकिन अब वे इसके साथ ही सामान्य जीवन जी रहे हैं और पूरी ईमानदारी से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। उनकी यह कहानी राजस्थान पुलिस के लिए गर्व का विषय है और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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