नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल: संतोष अहलावत
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल: संतोष अहलावत
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : चंद्रकांत बंका
झुंझुनूं : सर्किट हाउस झुंझुनूं में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 भारतीय लोकतंत्र को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह पहल केवल राजनीतिक प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति देने का माध्यम है। विभिन्न अध्ययनों के अनुसार महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से आर्थिक विकास तेज होता है और नीतियां अधिक प्रभावी बनती हैं।
अहलावत ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं-उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य योजनाओं ने महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार किया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में घर महिलाओं के नाम पर पंजीकृत हुए हैं तथा मुद्रा योजना के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी लगभग 46 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, लेकिन संसद और विधानसभाओं में उनकी भागीदारी अभी भी सीमित है। ऐसे में यह अधिनियम इस कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि महिला नेतृत्व से शिक्षा, स्वास्थ्य और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आते हैं तथा शासन व्यवस्था अधिक जवाबदेह बनती है। अहलावत ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश में महिला नेतृत्व आधारित विकास को बढ़ावा देगा और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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