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सीकर की प्राइवेट स्कूल बसों में बच्चे सुरक्षित नहीं:18 बसों में फायर सिलेंडर और फर्स्ट एड किट तक नहीं, 90 हजार का जुर्माना


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सीकर की प्राइवेट स्कूल बसों में बच्चे सुरक्षित नहीं:18 बसों में फायर सिलेंडर और फर्स्ट एड किट तक नहीं, 90 हजार का जुर्माना

सीकर की प्राइवेट स्कूल बसों में बच्चे सुरक्षित नहीं:18 बसों में फायर सिलेंडर और फर्स्ट एड किट तक नहीं, 90 हजार का जुर्माना

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत

सीकर : सीकर शहर में प्राइवेट स्कूलों की बसों पर लगातार दूसरे दिन कार्रवाई हुई। एडिशनल जिला जज शालिनी गोयल के नेतृत्व में डीटीओ ताराचंद बंजारा समेत परिवहन विभाग और पुलिस की टीमों ने प्राइवेट स्कूलों की 18 बसों पर कार्रवाई कर 90,400 रुपए का जुर्माना लगाया। बसों में स्टूडेंट्स की सुरक्षा से जुड़ी चीजों की कमी पाई गई।

डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी सेक्रेटरी एडीजे शालिनी गोयल ने बताया- सीकर के नानी बीहड़-सालासर चौराहे पर लीगल, ट्रांसपोर्ट व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई की गई। स्कूलों की छुट्टी के समय सभी प्राइवेट स्कूल बसों को चेक किया गया। इनमें से 18 बसों में ड्राइवर की ड्रेस, सीट बेल्ट, फर्स्ट एड किट, फायर कंट्रोलिंग सिलेंडर गायब थे, और कई बसों में कंडक्टर नहीं थे। ऐसे में बसों में सवार बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने पर उन पर जुर्माना लगाया गया।

परिवहन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से 18 स्कूली बसों पर कार्रवाई की, जिनमें परमिट नियमों का उल्लंघन, इंश्योरेंस की कमी और फिटनेस सर्टिफिकेट की कमी पाई गई। डीटीओ ताराचंद बंजारा ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी (डीएलएसए) की सेक्रेटरी एडीजे शालिनी गोयल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में 18 स्कूल बसों पर 90,400 रुपए का जुर्माना लगाया गया और उन्हें पाबंद करने की कार्रवाई भी हुई।

तीनों विभागों की टीम ने जिले के विभिन्न मार्गों पर नाकाबंदी कर नियमों की अनदेखी करने वाली सीकर की नामी और छोटी प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने वाली गाड़ियों की औचक चेकिंग की। इस दौरान फर्स्ट एड किट की दवाओं, फायर कंट्रोलिंग सिलेंडर, वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस और क्षमता से अधिक बच्चों के बैठने जैसे मानकों की बारीकी से जांच की गई।

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