[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

झुंझुनूं में निजी बसें दूसरे दिन भी नहीं चलीं:55 स्लीपर कोच जस की तस खड़ी रही; दिनभर परेशान होते रहे यात्री


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

झुंझुनूं में निजी बसें दूसरे दिन भी नहीं चलीं:55 स्लीपर कोच जस की तस खड़ी रही; दिनभर परेशान होते रहे यात्री

झुंझुनूं में निजी बसें दूसरे दिन भी नहीं चलीं:55 स्लीपर कोच जस की तस खड़ी रही; दिनभर परेशान होते रहे यात्री

झुंझुनूं : राजस्थान में प्राइवेट बसों की हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। प्रदेश में करीब 15 लाख से ज्यादा यात्री इस हड़ताल से प्रभावित हुए है। झुंझुनूं जिले में भी हड़ताल को लेकर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यहां ‘पीरू सिंह सर्किल’ आज लगातार दूसरे दिन वीरान नजर आया।

हड़ताल का सबसे बड़ा आर्थिक झटका बस संचालकों और उन यात्रियों को लगा है जिन्होंने लंबी दूरी की यात्रा के लिए पहले से बुकिंग करा रखी थी। निजी बस एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार- झुंझुनूं से दिल्ली, गुजरात और पंजाब जाने वाली 55 स्लीपर बसों का संचालन बंद है। जबकि उदयपुरवाटी, खेतड़ी, बीकानेर और चिड़ावा रूट की करीब 50 से अधिक बसें जस की तस खड़ी रही।

हड़ताल के कारण अब तक 50 लाख रुपए से अधिक की राशि यात्रियों को टिकट कैंसिलेशन के रूप में लौटानी पड़ी है। सूरत, बड़ौदा, अहमदाबाद और चंडीगढ़ जैसे बड़े व्यापारिक केंद्रों के लिए जाने वाले यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

रोडवेज बसों में लटक कर करना पड़ रहा सफर

निजी बसों के सड़कों से नदारद होने का सीधा असर राजस्थान रोडवेज की सेवाओं पर पड़ा है। लोक परिवहन और स्लीपर बसें बंद होने से सारा भार रोडवेज की बसों पर आ गया है। पिलानी-जयपुर और झुंझुनूं-जयपुर मार्ग पर रोडवेज की बसें क्षमता से दोगुनी सवारियां लेकर चल रही हैं। बसों में भारी भीड़ के कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है।

इन प्रमुख रूटों पर थमे बसों के पहिये

निजी बस एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश गजराज ने बताया कि हड़ताल से जिले के प्रमुख मार्ग प्रभावित हैं। अध्यक्ष राकेश गजराज का कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन उनकी मांगों पर उचित समाधान नहीं निकालते, तब तक यह अनिश्चितकालीन हड़ताल और चक्का जाम जारी रहेगा।

Related Articles