‘एक स्वस्थ व्यक्ति बचा सकता है 8 लोगों की जान’:अंगदान की शपथ मामले में झुंझुनूं सबसे आगे, नर्सिंग स्टूडेंट्स ने निकाली जागरूकता रैली
'एक स्वस्थ व्यक्ति बचा सकता है 8 लोगों की जान':अंगदान की शपथ मामले में झुंझुनूं सबसे आगे, नर्सिंग स्टूडेंट्स ने निकाली जागरूकता रैली
झुंझुनूं : एक स्वस्थ व्यक्ति मारने के बाद भी अपने अंगों का दान करके 8 जरूरतमंद लोगों की जिंदगी बचा सकता है। झुंझुनूं जिला अंगदान की शपथ लेने के मामले में राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर है। इसी प्रेरणा और उद्देश्य के साथ अंगदान ही महादान है के संकल्प को जन-जन तक पहुंचने के लिए झुंझुनूं में राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने एक जागरूकता रैली निकाली।
राजकीय बीडीके अस्पताल से कलेक्ट्रेट तक निकाली गई इस रैली का मुख्य उद्देश्य आमजन को अंगदान के प्रति जागरूक करना और समाज को जीवन बचाने का संदेश देना रहा, जिसमें युवाओं और चिकित्सा कर्मियों ने हिस्सा लिया।
नारे लिखी पट्टियां लेकर चले
रैली की शुरुआत राजकीय बीडीके अस्पताल परिसर से हुई। इसे बीडीके अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) एवं अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. जितेंद्र भाम्बू ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान पीएमओ डॉ. भाम्बू ने कहा कि अंगदान-महादान कि मुहिम में युवाओं और आमजन द्वारा सक्रिय भागीदारी निभाना अत्यंत अनुकरणीय और सराहनीय कदम है।
यह झुंझुनूं जिलेभर के आमजन की उच्च जागरूकता का परिचायक है, जिससे अनेकों लोगों को नया जीवनदान मिला है। रैली बीडीके अस्पताल परिसर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुँची। इसके बाद कलेक्ट्रेट से रोड नंबर 1 के रास्ते होते हुए पुनः बीडीके अस्पताल पहुंचकर संपन्न हुई।
नर्सिंग विद्यार्थियों ने हाथों में तख्तियां और नारे लिखी पट्टियां लेकर शहरवासियों को अंगदान के महत्व के बारे में बताया। अस्पताल की ओपीडी में आए रोगियों और उनके परिजनों को भी इस महाअभियान से जुड़ने के लिए विशेष रूप से प्रेरित किया गया।
एक स्वस्थ व्यक्ति बचा सकता है 8 लोगों की जान
रैली के दौरान शहरवासियों को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया कि एक स्वस्थ व्यक्ति मरणोपरांत अपने अंगों का दान करके 8 जरूरतमंद लोगों की जिंदगी बचा सकता है। कार्यक्रम के दौरान यह भी सामने आया कि झुंझुनूं जिला अंगदान की शपथ लेने के मामले में राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान पर बना हुआ है, जो यहाँ के नागरिकों की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
ये रहे मौजूद
इस जन-जागरूकता कार्यक्रम को सफल बनाने में चिकित्सा विभाग और नर्सिंग कॉलेज के कई अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से डॉ. सिद्धार्थ शर्मा (RMO), डॉ. अभय सिंह (अंगदान नोडल अधिकारी एवं सहायक आचार्य सर्जरी), अंजना चौधरी (जीकॉन नोडल अधिकारी), प्यारेलाल (नर्सिंग अधीक्षक), मंजू कटारिया, सरिता सैनी, पूनम भास्कर और पूनम डांगी उपस्थित रहे।
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