फतेहपुर में 66.80% मतदान, 188 प्रत्याशियों का भाग्य EVM में बंद
अति संवेदनशील फतेहपुर में दिनभर मुस्तैद रहा पुलिस-प्रशासन, SP से लेकर DYSP तक सड़कों पर रहे; शाम को वार्ड 14 में बूथ से दूर दो पक्षों में झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : आबिद खान दाडून्दा
फतेहपुर : नगर परिषद चुनाव के तहत बुधवार को फतेहपुर में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शहर के 55 वार्डों में 188 प्रत्याशियों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में कैद हो गया। सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक चला और कुल 66.80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अब प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला 14 सितंबर 2026 को होने वाली मतगणना में होगा।
अति संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिह्नित फतेहपुर में मतदान को लेकर पुलिस-प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। एसपी प्रवीण नायक नूनावत, एडिशनल एसपी डॉ. तेजपाल सिंह और डीवाईएसपी नोपा राम भाखर सहित पुलिस अधिकारियों ने स्वयं मैदान में रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी की।
सुबह से बूथों पर दिखा उत्साह
मतदान शुरू होते ही कई मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की कतारें लग गईं। महिला, युवा और बुजुर्ग मतदाता भी उत्साह के साथ मतदान केन्द्रों पर पहुंचे। प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए बूथों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
फर्जी मतदान की शिकायतों पर प्रशासन अलर्ट
मतदान के दौरान कुछ स्थानों पर कथित फर्जी मतदान को लेकर शिकायतें भी सामने आईं। वार्ड 40 में कांग्रेस प्रत्याशी की शिकायत पर जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष मोदी और एसपी प्रवीण नायक नूनावत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि जिन मतदाताओं की अंगुली पर पहले से स्याही लगी है, उन्हें दोबारा मतदान केन्द्र में प्रवेश नहीं दिया जाए। वहीं वार्ड 7 में एक महिला द्वारा दूसरे वार्ड की मतदाता बनकर मतदान की कोशिश किए जाने का मामला सामने आया, जिसे मतदान एजेंट की सतर्कता से रोके जाने की बात कही गई।
वार्ड 14 में मतदान खत्म होने से पहले झड़प
शाम मतदान समाप्ति के आसपास वार्ड 14 के मदनी मदरसा मतदान केन्द्र से कुछ दूरी पर एक गली में दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद झड़प और पथराव की सूचना मिली। घटना में करीब पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।

सूचना मिलते ही कोतवाल महेंद्र मीणा सहित पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। घायलों को उपचार के लिए धानुका अस्पताल ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना मतदान केन्द्र से अलग गली में हुई और इसका मतदान प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ा।
डीवाईएसपी नोपा राम भाखर ने बताया कि फतेहपुर में आमजन के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रही। उनके अनुसार वार्ड 14 में बूथ से अलग गली में दो पक्षों के बीच मामूली झड़प हुई थी। उन्होंने बताया कि कोई बड़ा मामला नहीं हुआ और इस संबंध में एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
मतदान प्रतिशत ने बढ़ाई सियासी धड़कनें
फतेहपुर में 66.80 प्रतिशत मतदान होने से प्रत्याशियों के चुनावी समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है। मतदान प्रतिशत कम रहने से किसे फायदा और किसे नुकसान होगा, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है। मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे, बाहर रहने वाले मतदाताओं की गैरमौजूदगी और स्थानीय मुद्दों को कम मतदान के संभावित कारणों के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इन कारणों का आधिकारिक विश्लेषण सामने आना बाकी है।

निर्दलीय प्रत्याशी बन सकते हैं ‘गेम चेंजर’
इस बार कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। मतदान के बाद शहर में निर्दलीय प्रत्याशियों की संभावनाओं को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कई वार्डों में व्यक्तिगत संपर्क और स्थानीय पकड़ के आधार पर निर्दलीयों को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। अब असली तस्वीर 14 सितंबर को ईवीएम खुलने के बाद ही साफ होगी कि निर्दलीय प्रत्याशी किसी दल का खेल बिगाड़ते हैं या नगर परिषद की सत्ता की तस्वीर बदलते हैं।
ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित
मतदान समाप्त होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित सील किया गया। ड्राई-डे के चलते बाजारों में भी शांति रही। प्रशासन और पुलिस ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी रखी। फतेहपुर के 55 वार्डों में 188 प्रत्याशियों की किस्मत अब ईवीएम में बंद है। 14 सितंबर को मतगणना के साथ ही तय होगा कि शहर की सरकार की कमान किसके हाथ आती है।
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