निजी बसों की हड़ताल जारी, परिवहन व्यवस्था चरमराई:यात्री परेशान, व्यापार पर भी असर; गांवों का संपर्क टूटा
निजी बसों की हड़ताल जारी, परिवहन व्यवस्था चरमराई:यात्री परेशान, व्यापार पर भी असर; गांवों का संपर्क टूटा
चूरू : क्षेत्र में निजी बस संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 24 फरवरी से जारी है। इसके कारण क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। बस स्टैंड पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है और लोग घंटों इंतजार के बावजूद अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सांडवा से प्रतिदिन लगभग 30-40 निजी बसें गुजरती थीं। इस हड़ताल से बीकानेर, जयपुर, चूरू, जोधपुर, दिल्ली जैसे प्रमुख शहरों के साथ-साथ लूणकरणसर, श्रीडूंगरगढ़, निम्बी, बुटाटी और जायल जैसे स्थानीय मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। आसपास के गांवों का संपर्क भी लगभग ठप हो गया है।
हड़ताल का असर आमजन के साथ-साथ व्यापार पर भी स्पष्ट दिख रहा है। बाजारों में ग्राहकों की संख्या में कमी आई है, जिससे व्यापारिक गतिविधियां सुस्त पड़ गई हैं।
वर्तमान में सांडवा से केवल तीन रोडवेज बसें संचालित हो रही हैं। इनमें से एक बस सुबह नोखा से सालासर की ओर जाती है, जबकि दो बसें दोपहर में सालासर से नोखा की ओर आती हैं। सीमित बसों के कारण यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है और सीट पाने के लिए होड़ मची रहती है।
सुबह करीब 9 बजे एक निजी बस के स्टैंड पर पहुंचने पर यात्रियों में चढ़ने की होड़ मच गई। आमजन का कहना है कि इस रूट पर रोडवेज बसों का संचालन बढ़ाया जाना चाहिए, अन्यथा क्षेत्र में आवागमन का संकट और गहरा जाएगा। लोग अपने रोजमर्रा के कार्यों के लिए गंतव्य तक पहुंचने के लिए किराए के साधनों का उपयोग करने को मजबूर हैं।
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