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रूपेली-बालेरा में गहराया पेयजल संकट:रालोपा कार्यकर्ताओं ने 20 दिसंबर तक समाधान का दिया अल्टीमेटम, धरने की चेतावनी


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रूपेली-बालेरा में गहराया पेयजल संकट:रालोपा कार्यकर्ताओं ने 20 दिसंबर तक समाधान का दिया अल्टीमेटम, धरने की चेतावनी

रूपेली-बालेरा में गहराया पेयजल संकट:रालोपा कार्यकर्ताओं ने 20 दिसंबर तक समाधान का दिया अल्टीमेटम, धरने की चेतावनी

बीदासर : बीदासर के रूपेली और बालेरा गांवों में बढ़ते पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। गुरुवार को रालोपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी बीदासर को ज्ञापन सौंपकर पानी की समस्या के त्वरित समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 20 दिसंबर तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उपखंड कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

दोनों गांवों लंबे समय से पेयजल संकट

ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि दोनों गांवों में पेयजल संकट लंबे समय से बना हुआ है। रूपेली और बालेरा में स्थित ओपन ट्यूबवेल पिछले करीब 3-4 सालों से बंद पड़ा है। इसकी मरम्मत या पुनः संचालन के लिए कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

रोजाना लगभग 2 किलोमीटर दूर जाती है महिलाएं

पशुओं के लिए खेळी में पानी की आपूर्ति न होने से महिलाओं को रोजाना लगभग 2 किलोमीटर दूर से पानी ढोना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जता है कि आने वाली गर्मियों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम बालेरा की कुछ ढाणियों में अवैध कनेक्शन होने से नियमित पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। वहीं, जल जीवन मिशन (जे.जे.एम.) के तहत पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी द्वारा जगह-जगह तोड़ी गई सड़कों को भी ठीक नहीं करवाया गया है, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।

दो महीने में जर्जर हुआ खोद

उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में 5 नवंबर 2024 और 9 जनवरी 2025 को भी जिला कलेक्टर को ज्ञापन भेजे गए थे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। रूपेली में दो माह पूर्व बने नए होद की गुणवत्ता पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए। उनका कहना है कि घटिया सामग्री के प्रयोग के कारण होद दो महीने में ही जर्जर हो चुका है। निर्माण के समय इसका जीपीएस वीडियो भी अधिकारियों को भेजा गया था।

ग्रामीणों ने सुझाव दिया कि गांव से डूंगरास-आथूणा रास्ते पर स्थित सरकारी भूमि पर बने बांध के पास एक नया ट्यूबवेल और जलहौज बनाया जाए, जिससे पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में तोलाराम नायक, हुल्लास गुरु, भैराराम नाई, हिराराम जाट, रामचंद्र जाट, गोपालाराम, फुसाराम पुनिया सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

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