नीमकाथाना में खनन रॉयल्टी का संकट:125 करोड़ से घटाकर 113 करोड़ की आरक्षित राशि, फिर भी नहीं मिला ठेकेदार
नीमकाथाना में खनन रॉयल्टी का संकट:125 करोड़ से घटाकर 113 करोड़ की आरक्षित राशि, फिर भी नहीं मिला ठेकेदार
नीमकाथाना : नीमकाथाना और पाटन क्षेत्र में खनन विभाग को रॉयल्टी संग्रहण में बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। 31 मार्च को पिछले ठेके की अवधि समाप्त होने के बाद से विभाग को प्रतिदिन 20 से 30 प्रतिशत तक का नुकसान हो रहा है। खनन विभाग ने तीन बार ई-नीलामी का प्रयास किया। पहली बार 12 मार्च को 125.90 करोड़ की आरक्षित राशि पर निविदा निकाली गई। 20 मार्च को होने वाली नीलामी में कोई बोलीदाता नहीं आया। इसके बाद आरक्षित राशि घटाकर 113.31 करोड़ कर दी गई। 28 मार्च को दूसरी नीलामी भी निष्फल रही। तीसरी बार 25 अप्रैल को समान आरक्षित राशि पर नीलामी रखी गई, लेकिन फिर भी कोई बोलीदाता सामने नहीं आया।
वर्तमान में विभाग अपने कर्मचारियों के माध्यम से रॉयल्टी वसूली कर रहा है। अप्रैल में मात्र 7 करोड़ रुपये की वसूली हो पाई। पिछले ठेके में चेजा पत्थर का ठेका 95 करोड़, क्वार्ट्ज, फेल्स्फार और सिलिका का 11 करोड़ तथा मार्बल का 3 करोड़ रुपये का था। इस बार सिलिका, ग्रेनाइट, डोलोमाइट और मार्बल को एक साथ शामिल किया गया है। खनन विभाग के अधिकारी अशोक वर्मा के अनुसार, अब निदेशालय को नया प्रस्ताव भेजा गया है। निदेशालय से निर्देश मिलने के बाद ही अगली निविदा जारी की जाएगी।
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