मेडिकल टीचर्स को डाइंग कैडर घोषित करने का विरोध:मांग पूरी नहीं होने पर 22 जुलाई से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे
मेडिकल टीचर्स को डाइंग कैडर घोषित करने का विरोध:मांग पूरी नहीं होने पर 22 जुलाई से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे
चूरू : राजमेस में पहले कार्यरत मेडिकल टीचर्स को डाइंग कैडर यानि मृत कैडर घोषित करने पर राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया है। पीडीयू मेडिकल कॉलेज में कार्यरत मेडिकल टीचर्स ने शुक्रवार दोपहर कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. गजेन्द्र सक्सेना को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मुकेश खेदड़ ने बताया कि राज्य सरकार ने नए बजट घोषणा में नए आने वाले डॉक्टर्स को राजस्थान सर्विस रूल्स के दायरे में लिया है, जबकि पहले से कार्यरत डॉक्टर्स को आरएसआर से वंचित रखा है। उन्होंने बताया कि पुराने डॉक्टर्स के साथ सरकार का यह रवैया गलत है। इससे पुराने डॉक्टरों को पीएल, एनकैशमेंट, अनुकम्पा नियुक्ति जैसी मूलभूत परिलाभ भी नहीं मिल रहे हैं। एसोसिएशन की जॉइंट सेक्रेटरी डॉ. गुलशन बानो और डॉ. श्रद्धा शर्मा ने बताया कि पुराने मेडिकल टीचर्स को डाइंग कैडर्स बताने से राज्य के सभी 17 मेडिकल कॉलेजों के टीचर्स में काफी आक्रोश है। अब मेडिकल टीचर्स के पास केवल आंदोलन करना ही रास्ता बचा है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार राजमेस के पुराने मेडिकल टीचर्स पर भी राजस्थान सर्विस रूल्स लागू नहीं करती है तो आगामी 22 जुलाई से मेडिकल टीचर्स अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। जिसकी सभी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
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