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नौकरी के बदले रूसी आर्मी में चार युवकों को किया शामिल, यूक्रेन से जंग के लिए भेजा


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नौकरी के बदले रूसी आर्मी में चार युवकों को किया शामिल, यूक्रेन से जंग के लिए भेजा

राजस्थान के नागौर में चार युवकों ने कनाडा में दो लाख रुपये प्रति महीने की नौकरी के लिए खुशी-खुशी फ्लाइट का टिकट खरीदा। चारों युवकों को पहले रूस ट्रेनिंग के लिए जाना था। रूस में चारों के साथ कुछ ऐसा हुआ कि परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

नागौर : बेरोजगारी की मार झेल रहे युवा विदेश में अच्छी नौकरी और अच्छे पैसे कमाने के उद्देश्य से विदेश जाते हैं। लेकिन कई बार यह युवा धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे ही चार मामले डीडवाना में सामने आए हैं, जिनमें जॉब के लिए रूस गए चार युवकों को रूस-यूक्रेन युद्ध में झोंक दिया गया।

इन युवाओं को नौकरी देने की बजाय रूस की सेना में भर्ती कर लिया गया है। ऐसे में यह युवा अच्छे पैसे कमाना तो दूर, अपनी जान बचाने के लिए ही संघर्ष करने को मजबूर हैं। डीडवाना से रूस गया एक युवक नेमाराम तो इस युद्ध में गोली लगने से घायल भी हो चुका है, तो वहीं कई युवा अपनी जान बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। दूसरी ओर इन युवाओं के परिजन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उन्होंने भारत सरकार से इन युवकों की सुरक्षित वापसी की मांग की है। साथ ही मौलासर पुलिस थाने में मामला भी दर्ज करवाया है।

घायल युवक

आपको बता दें कि रिक्शा का बास निवासी नेमाराम की पत्नी ने मौलासर पुलिस थाने में मामला दर्ज करवाया है, जिसमें उसने बताया कि महेंद्र नामक एजेंट ने उनके पति को रूस में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का झांसा देकर 25 जनवरी को रूस भेजा था। इसके लिए नेमाराम से पांच लाख रुपये भी लिए थे और प्रतिमाह दो लाख रुपये का वेतन दिलाने की बात कही थी। लेकिन रूस पहुंचने के बाद उनके पति को रूसी सेना में शामिल कर युद्ध लड़ने भेज दिया गया।

महिला ने बताया कि उनके पति का मोबाइल जब्त कर लिया गया है और उन्हें युद्ध क्षेत्र में भेज दिया गया है, जहां उनके हाथ और पैर में गोली लगने से वह घायल हो गए हैं। इसी प्रकार रूसी सेना में भर्ती कर लिए गए तीन अन्य युवक सुनील, जितेंद्र कुमार और रणजीत के परिजन भी मौलासर थाने पहुंचे और एजेंट के खिलाफ धोखाधड़ी कर उनके बच्चों को विदेश भेजने और उन्हें रूसी सेना में शामिल कर युद्ध में भेजने का मामला दर्ज करवाया है।

परिजनों ने अपने बच्चों की सकुशल वापसी के लिए केंद्र सरकार से भी गुहार लगाई है। कुछ ग्रामीण दिल्ली गए हैं, जहां वे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मिलकर युवकों को सकुशल वापस भारत लाने की मांग कर रहे हैं। इस मामले को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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