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दुनिया की बेस्ट टेक्नोलॉजी का चूरू के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ


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दुनिया की बेस्ट टेक्नोलॉजी का चूरू के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

जिला कलक्टर पुष्पा सत्यानी की उपस्थिति में श्रीगांधी बाल निकेतन सचिव राजीव उपाध्याय ने किया शिक्षा विभाग अधिकारियों के साथ एमओयू, जिले में चरणबद्ध रूप से लगेंगे 300 इंटरेक्टिव बोर्ड, चूरू ब्लॉक से होगी शुरुआत, सत्यानी ने कहा- भामाशाहों के सहयोग से बदल रही जिले में शिक्षा क्षेत्र की तस्वीर

चूरू : जिला कलक्टर पुष्पा सत्यानी की उपस्थिति में बुधवार को जिला कलक्टर कक्ष में श्रीगांधी बाल निकेतन सचिव राजीव उपाध्याय ने जिले में इंटरेक्टिव बोर्ड लगाने के प्रोजेक्ट के लिए शिक्षा विभाग अधिकारियों के साथ एमओयू किया।

इस अवसर पर जिला कलक्टर सत्यानी ने कहा कि भामाशाहों के सहयोग से जिले में शिक्षा क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। भामाशाहों के सहयोग से विद्यालयों में उन्नत गुणवत्ता के इंटरेक्टिव बोर्ड मिलने से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा का लाभ मिलेगा व शिक्षा का स्तर सुधरेगा। विद्यार्थी नई तकनीक से रूबरू होंगे तथा अपनी शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीक का इस्तेमाल कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि विद्यालयों में इंटरेक्टिव बोर्ड की सुविधा मिलने से फैकल्टी नहीं होने पर भी विद्यार्थी अपने विषय ज्ञान से वंचित नहीं रहेंगे। बच्चों की पढ़ाई भी गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो पाएगी। उनको सीखने के नए अवसर मिलेंगे।

सत्यानी ने जिले के भामाशाहों से चिकित्सा क्षेत्र में भी सहयोग देकर सुविधाओं के उन्नयन की अपील की ताकि आमजन को चिकित्सा सुविधाओं के लिए होने वाली परेशानियों से आसानी से बचाया जा सके। भामाशाह चिकित्सा सुविधाओं में चिकित्सकों की नियुक्ति व मशीनरी के सहयोग से जनसेवा कर सकते हैं।

इस अवसर पर श्रीगांधी बाल निकेतन के सचिव राजीव उपाध्याय ने बताया कि उनके पिता शिक्षाविद् स्व. चंपालाल उपाध्याय के शिक्षा क्षेत्र में किए गए नवाचारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संस्था के सहयोग से सम्पूर्ण जिले में 300 इंटरेक्टिव बोर्ड चरणबद्ध रूप से लगाए जाएंगे। परियोजना के अन्तर्गत निर्धारित मापदंडों के अनुसार जिले के चूरू , सरदारशहर , बीदासर , राजगढ़ और तारानगर में कुल 300 बोड्र्स स्थापित किए जाने हैं। परियोजना की कुल लागत चार करोड़ बीस लाख रुपये हैं। पूर्व में अब तक तीन करोड़ पचास लाख के बोर्ड लगवाए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर इंटरेक्टिव बोर्ड के लिए विद्यालयों का चयन किया गया है। प्रथम चरण में चूरू ब्लॉक का चयन किया गया है। चूरू ब्लॉक में 50 इंटरेक्टिव बोर्ड लगाए जाने का निर्णय लिया गया है, जिनमें से 15 बोर्ड समसा के माध्यम से लगाए जा चुके हैं तथा 2 बोर्ड डाइट में लगाए जा चुके हैं। इसी प्रकार शेष 33 बोर्ड में से 22 इंटरेक्टिव बोर्ड को इसी सप्ताह तक लगाने का काम किया जाएगा। शेष 11 बोर्ड शीघ्र ही उपलब्ध करवाकर सुचारू किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता के इंटरेक्टिव बोर्ड का चयन किया गया है। व्यूसोनिक कंपनी के 1.40 लाख प्रति इंटरेक्टिव बोर्ड लागत के बोर्ड लगाए जाएंगे। विश्व की बेस्ट टेक्नोलॉजी का लाभ जिले के विद्यालयों में विद्याार्थियों के अध्ययन किया जाएगा।

इस अवसर पर श्रीगांधी बाल निकेतन सचिव राजीव उपाध्याय, सीडीईओ जगबीर सिंह यादव व चूरू सीबीईओ ओमदत्त सहारण के बीच अनुबंध पत्र हस्ताक्षर किया गया। इस दौरान एडीपीआर कुमार अजय, डीईओ गोविंद सिंह राठौड़, पूर्व सीबीईओ कुलदीप व्यास सहित अन्य उपस्थित रहे।

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