जाट आरक्षण आंदोलन : मैदान में उतरे पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह, बोले हम एकजुट, लोगों ने फैलाई गलतफहमी
उन्होंने आगे कहा, पुराने आरक्षण आंदोलन से पूरा अनुभव है। उस समय भी भरतपुर को पूरी तरह से जाम कर दिया था। अगर वार्ता सफल होती है तो महापड़ाव को समाप्त कराया जाएगा। नेमसिंह फौजदार व समाज के अन्य लोग वार्ता के लिए जाएंगे। इन्होंने यहां आकर मुझे वार्ता के बारे में सबकुछ बताया है।
Jat Reservation Movement : भरतपुर, डीग व धौलपुर जिले के जाटों को केंद्रीय सेवाओं में आरक्षण की मांग को लेकर हो रहे आंदोलन के बीच अब दोनों ही गुट एक मंच पर आए हैं। वहीं जयचोली में 25वें दिन भी महापड़ाव जारी रहा। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि जाट समाज एकजुट है। कुछ लोगों ने गलतफहमी फैला दी थी। अब ऐसा कुछ नहीं है। कुछ दिन पहले जो समिति के पदाधिकारी नियुक्त किए गए थे, वह आंदोलन में सहायता के लिए हैं। 13 फरवरी को दोपहर दो बजे दिल्ली में जो वार्ता होनी है। वह सफल होनी चाहिए। वरना खुद जयचोली जाकर महापड़ाव को बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा, पुराने आरक्षण आंदोलन से पूरा अनुभव है। उस समय भी भरतपुर को पूरी तरह से जाम कर दिया था। अगर वार्ता सफल होती है तो महापड़ाव को समाप्त कराया जाएगा। नेमसिंह फौजदार व समाज के अन्य लोग वार्ता के लिए जाएंगे। इन्होंने यहां आकर मुझे वार्ता के बारे में सबकुछ बताया है। वहीं भरतपुर-धौलपुर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेमसिंह फौजदार ने कहा कि 2016 से ही जाट आरक्षण आंदोलन पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के नेतृत्व में किया जाता रहा है। अब भी उन्हीं का योगदान है। कुछ लोगों ने भ्रामक प्रचार कर दिया था, लेकिन अब ऐसा कुछ भी नहीं है। समाज एकजुट है। पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह जाट समाज के आदर हैं।
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