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जयपुर की 12 साल की गोल्फ खिलाड़ी:बोलीं- परिवार सोचता था गोल्फ में चली गयी तो पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पाऊंगी


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जयपुर की 12 साल की गोल्फ खिलाड़ी:बोलीं- परिवार सोचता था गोल्फ में चली गयी तो पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पाऊंगी

जयपुर की 12 साल की गोल्फ खिलाड़ी:बोलीं- परिवार सोचता था गोल्फ में चली गयी तो पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पाऊंगी

जयपुर : जयपुर की गोल्फ प्लेयर शिक्षा जैन (12) ने बड़ी सफलता हासिल की है। शिक्षा 3 से 5 जनवरी को आईटीसी गुड़गांव में आयोजित होने वाले साउथ अफ्रीका क्वालीफायर में जा रही हैं। इस मैच में अगर वो सिलेक्ट होती हैं। वो इंटरनेशनल मैच के खेलने साउथ अफ्रीका जाएंगी। शिक्षा ने अब तक 9 नेशनल गोल्फ मैच खेले हैं। तीन में जीत हासिल की है। शिक्षा ने अपनी गोल्फ जर्नी हमारी मीडिया टीम के साथ साझा की।

शिक्षा ने पहली बार 2018 में गोल्फ खेला था। शिक्षा ने बताया- पहले परिवार सोचता था कि अगर मै गोल्फ में चली गयी तो पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पाऊंगी। फिर 2018 में पहला सिटी मैच था। इस मैच को भले ही जीत नहीं पाई। पर उनके हौसले कम नहीं हुए। उन्होंने जीत का सपना देखना कभी नहीं छोड़ा। इसी के बाद शिक्षा ने किड्स गोल्फ, आईटीसी गोल्फ क्लब मानेसर में पहली जीत हासिल की थी। शिक्षा जैन राम-बाग गोल्फ ग्राउंड में अपनी प्रैक्टिस करती हैं। वो पढाई के साथ साथ स्पोर्ट्स में अपना करियर बनाने का सपना देखती हैं। आगे पढ़िए शिक्षा जैन का पूरा इंटरव्यू…:

मीडिया कर्मी से शिक्षा ने अपनी जर्नी शेयर की।

सवाल: गोल्फ के लिए रुचि कैसे पैदा हुई और कैसे इस खेल में आगे बढ़ीं?

शिक्षा: मेरे पापा मुझे बैडमिंटन की ट्रेनिंग दिला रहे थे। सबसे पहले बैडमिंटन रैकेट हाथ में लिया था। कुछ दिनों तक खेलने के बाद भी मुझे उसमे कुछ खास रुचि नहीं आई। उसके बाद मैंने टेनिस, बास्केट बॉल, स्विमिंग में हाथ आजमाया। मुझे इनमें भी कोई खास रुचि नहीं जागी। फिर पापा ने मुझे गोल्फ में हाथ आजमाने को कहा। उन्होंने कहा- एक बार ये भी ट्राय करके देखो। जैसे ही मैंने गोल्फ स्टिक हाथ में लिया, एक आत्मविश्वास जागा। मुझे लगा मै गोल्फ बेहतर तरीके से खेल सकती हूं ,वहां से गोल्फ में मेरी शुरुआत हुई।

सवाल: जब आपने पढ़ाई के साथ खेल चुना तो आपके माता-पिता की क्या प्रतिक्रिया थी?

जवाब : पापा तो इस बात से काफी खुश थे। मम्मी के साथ मेरे परिवार के कुछ सदस्यों को गोल्फ को चुनना कुछ खास समझ में नहीं आया। मेरी मम्मी और ग्रैंड पेरेंट्स का मानना था की अगर मै गोल्फ में चली गयी तो पढ़ाई पर फोकस नहीं कर पाऊंगी। दोनों चीजों में किसी भी तरह का संतुलन नहीं बैठा पाऊंगी।

सवाल: गोल्फ को अमीरों का खेल कहते हैं। इसको लेकर आपका क्या कहना है?

जवाब: गोल्फ अमीरों का खेल है, ये बात बिल्कुल सच है। जब कभी भी मैच के लिए बाहर जाना होता है तो काफी चीजें सोचनी और देखनी पड़ती है। इस खेल काफी खर्चा है। मेरे पापा ने मुझे इसके लिए काफी मोटिवेट और सपोर्ट किया है। वो हमेशा ही कहते हैं कि तुम बस गोल्फ पर फोकस करो,अपने लक्ष्य पर ध्यान दो।

सवाल: पढ़ाई और खेल में बैलेंस कैसे करती हैं, यह कितना चुनौती पूर्ण है?

जवाब :गोल्फ जैसे खेल के साथ पढाई को मैनेज करना आसान नहीं है। मेरे स्कूल टीचर्स और मेरे दोस्त मदद करते हैं। मेरे होमवर्क भेज देते हैं। सबसे ज्यादा चुनौती ये रहती है, जब आप फाइनल डे पर रहते हो। आप लीड कर रहे होते हो। तब आपका एक दो शॉर्ट गलत चला जाता है।

शिक्षा ने 2019 में पहली बार स्टेट मैच खेला ता।
शिक्षा ने 2019 में पहली बार स्टेट मैच खेला ता।

सवाल: देश की महिलाएं स्पोट्‌र्स में काफी बेहतर कर रही हैं। गोल्फ में महिलाओं के प्रदर्शन को आप कैसे देखती हैं?

जवाब: जी देश की महिलाएं हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही हैं। स्पोर्ट्स में भी बेहतर कर रही हैं। मैं भी चाहती हूं कि गोल्फ में अच्छा प्रदर्शन कर पाऊं।

सवाल: आप पढ़ाई के साथ-साथ गोल्फ को कैसे मैनेज करती हैं, कितने घंटे प्रैक्टिस करती हैं ?

जवाब : मैं 6 से 7 घंटे गोल्फ प्रैक्टिस करती हूं। 3 से 4 घंटे मार्शल आर्ट्स करती हूं। पढाई में मुझे स्कूल और दोस्तों से काफी सहयोग मिलता है।

सवाल: आपका अब तक का सबसे बड़ा मैच कौन सा था, अब तक कितने नेशनल और इंटरनेशनल खेल चुकी हैं?

जवाब: मेरा बड़ा मैच 20 से 22 दिसम्बर को था। ये एक आई जी यु नेशनल जूनियर गर्ल्स एंड ब्याज चैम्पियनशिप था। इसमें मैं पहले और दूसरे दिन मैं लास्ट आ रही थी। फिर मैंने अपना बेस्ट कवर अप किया। फिर लास्ट में मैंने तीसरा स्थान प्राप्त किया। मैंने अब तक 9 नेशनल और 7 इंटरनेशनल मैच खेले हैं।

सवाल: फ्यूचर के लिए आपका कोई एक टारगेट, जिसे आप हासिल करना चाहती हैं?

जवाब : ओलिंपिक में गोल्ड जीतना है। 2028 में होने वाले ओलिंपिक में देश के लिए गोल्ड जीतना ही मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य है। अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए वे कई बार दिन में दस-बारह घंटे अभ्यास करती हूं।

गोल्फ खेलने के लिए शिक्षा के परिवार ने उनका पूरा साथ दिया।
गोल्फ खेलने के लिए शिक्षा के परिवार ने उनका पूरा साथ दिया।

सवाल: कई लड़कियां भी खेल में आना चाहती हैं। उनको क्या मैसेज देना चाहती हैं?

जवाब: जो भी लड़कियां स्पोर्ट्स में आना चाहती हैं। मैं उनसे यही कहना चाहूंगी कि अगर आपको कोई ये बोले की तुम बैडमिंटन खेलो या कुछ और खेलो। अगर आपको गोल्फ खेलना हो तो गोल्फ ही खेलें। आप किसी दूसरे की नहीं बल्कि अपने दिल की सुने। आपको अच्छा लगता हो वही खेल चुनें। इसमें आपको पूरा विश्वास हो ।

सवाल: गोल्फ के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज क्या है?

जवाब: गोल्फ खेलने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी चीज फोकस है। दिमाग के साथ-साथ आपका फोकस होना बहुत जरूरी है। इसके साथ ही आपका कॉन्फिडेंस का होना भी काफी जरूरी है।

सवाल: हमने सुना है आप 22 देशों के लिए सिलेक्ट हो चुकी हैं?

जवाब : जी हां मैं 22 देशों के लिए सिलेक्ट हो चुकी हूं। उसमे से मैंने 4 देशों में मैच खेले हैं। शिक्षा की मां ने बताया कि कुछ कंट्री में शिक्षा सेलेक्शन के बाद भी वीजा नहीं लगने के कारण खेलने नहीं जा पाई है ।

युवा गोल्फ प्रतिभा शिक्षा जैन ने अखिल भारतीय जूनियर लड़के और लड़कियों की चैम्पियनशिप 2023 में असाधारण प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान प्राप्त किया है। 18 दिसंबर से 22 दिसंबर तक पुणे क्लब गोल्फ कोर्स में आयोजित इस चैम्पियनशिप में भारत भर से 200 से अधिक शीर्ष गोल्फरों ने हिस्सा लिया।

शिक्षा गोल्फ में 60 से ज्यादा टूर्नामेंट जीत चुकी हैं।
शिक्षा गोल्फ में 60 से ज्यादा टूर्नामेंट जीत चुकी हैं।

60 से ज्यादा टूर्नामेंट में जीत

शिक्षा 12 साल की उम्र में अब तक 60 से ज्यादा गोल्फ टूर्नामेंट में जीत हासिल की है। उन्होंने 2019 में पहला स्टेट मैच चंडीगढ़ में खेला था। अब 2023 में कोलकाता में इंडियन गोल्फ यूनियन में हुए नेशनल टूर्नामेंट में शिक्षा ने दूसरा स्थान हासिल किया है।

तबीयत खराब हुई फिर भी मैच खेलने पहुंची

शिक्षा जैन नीरजा मोदी स्कूल की 7वीं क्लास की पढ़ती हैं। उनके पिता सन्नी जैन एक बिजनेस मैन हैं। मां मेघना जैन गृहणी हैं। शिक्षा की इस बड़ी सफलता में उनके माता-पिता का बहुत बड़ा योगदान रहा है। गोल्फ जैसे महंगे खेल के लिए उनके पिता ने पूरा सहयोग दिया। मां मेघना ने अपनी बेटी की सफलता के लिए जीवन में कई छोटी-बड़ी खुशियों का त्याग किया। अपनी बेटी के स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया।

उन्होंने बताया- बेटी का गोल्फ में बेहतरीन प्रदर्शन और लगन हमे समय- समय पर उसका सहयोग करने के लिए प्रेरित करता है। इस उम्र में लड़कियां अपने बचपन को जीतीं हैं।,खेल कूद करती हैं। घर परिवार के कार्यक्रम अटैंड करती हैं। उस उम्र में मेरी बेटी गोल्फ के मैदान में अपने पैशन को जीती है। उसके लिए मेहनत करती है। मैच से पहले बीमारी को झेलते हुए भी, पैरों में दर्द लेकर भी वो मैदान में पूरे जोश के साथ परफोर्म करती है। ऐसे में बतौर माता-पिता हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उसके लक्ष्य को पूरा करने में पूरी तरह से मदद कर पाएं। इसके लिए मैं हमेशा उसके साथ इधर- उधर ट्रेवल करती हूं।

मैच की डिटेल :

शिक्षा जैन ने टालीगंज गोल्फ क्लब कोलकाता में आईजीयू ईस्टर्न इंडिया लेडीज और जूनियर गर्ल्स चैंपियनशिप में सी कैटेगिरी में दूसरा स्थान हासिल कर चुकी हैं। टूर्नामेंट में देश भर से 100 से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस दौरान शिक्षा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूएस किड्स गोल्डन ग्रीन, जेपी ग्रीन विस्टन, जूनियर विंटर गोल्फ कार्निवल कैलिफोर्निया, थाईलैंड और साउथ अफ्रीका क्वालीफायर में शीर्ष पर रह चुकी हैं।

जयपुर की युवा गोल्फ प्लेयर शिक्षा जैन ने विलिंगडन गोल्फ क्लब मुंबई में आयोजित शुभंकर शर्मा ऑल इंडिया जूनियर इनविटेशनल सीरीज में प्रथम स्थान हासिल किया था। इस टूर्नामेंट में देश के कुछ सबसे प्रतिभाशाली जूनियर गोल्फ खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें प्रतियोगिता और खेल भावना की उच्च स्तरीय प्रदर्शनी देखी गई।

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