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बच्चों के लिए आयोजित की गई ‘पॉजिटिव प्यूबर्टी वर्कशॉप’:स्वभाव, सामान्य स्वछता, सामाजिक परिवर्तन जैसे विषयों पर दी बच्चों को शिक्षा


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बच्चों के लिए आयोजित की गई ‘पॉजिटिव प्यूबर्टी वर्कशॉप’:स्वभाव, सामान्य स्वछता, सामाजिक परिवर्तन जैसे विषयों पर दी बच्चों को शिक्षा

बच्चों के लिए आयोजित की गई 'पॉजिटिव प्यूबर्टी वर्कशॉप’:स्वभाव, सामान्य स्वछता, सामाजिक परिवर्तन जैसे विषयों पर दी बच्चों को शिक्षा

जयपुर : शरीर में आने वाले बदलाव, स्वभाव, सामान्य स्वछता, सामाजिक परिवर्तन जैसे विषयों के बारे में बच्चों को फन एक्टिविटी, क्विज और गेम्स के जरिए समझाया गया। मौका था संस्था फनोवेत और कोगता फाउंडेशन के ओर से आयोजित हुए ‘ब्रेकिंग द वॉल ऑफ साइलेंस’ किड्स पॉजिटिव प्यूबर्टी वर्कशॉप का। कार्यक्रम के दौरान देश की जानी-मानी सेक्स-एजुकेटर, पोसको ट्रेनर, टेडएक्स स्पीकर और ऑथर अंजू किश ने बच्चों को बाल अवस्था से यौन अवस्था में आने वाले बदलावों के बारे में बताया। होटल हिल्टन में आयोजित किए गए इस कार्यक्रम के तहत शहर के कई बच्चों ने वर्कशॉप में हिस्सा लिया। इस दौरान बच्चों के परिजनों ने उनका साथ देते हुए उनके साथ क्विज और गेम्स में हिस्सा लिया।

इस दौरान बच्चों के परिजनों ने उनका साथ देते हुए उनके साथ क्विज और गेम्स में हिस्सा लिया।
इस दौरान बच्चों के परिजनों ने उनका साथ देते हुए उनके साथ क्विज और गेम्स में हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में अंजू किश ने पेरेंट्स को भी बच्चों से खुल कर बात करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों के सवालों को रोके मत, उन्हें फ़िल्मों, स्कूल या लोगों के बीच होती बातों को समझाए। कुछ ऐसे शब्द या इशारे जो उनके लिए नए है उन्हें बच्चों को इस्तेमाल करने से ना रोके बल्कि उन्हें बताए कि अगर वो इन शब्दों का इस्तेमाल करेंगे तो क्या परिणाम होंगे। उनके सवालों के जवाब ना मिलने पर वो ग़लत लोगों या इंटर्नेट के द्वारा आधा ज्ञान प्राप्त करेंगे इससे बेहतर है कि आप उन्हें ग़लत-सही का फर्क बताए। इस दौरान पेरेंट्स से हुई चर्चा में उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान स्पीकर ने 4 से 21 साल के बच्चों के माता-पिता को उनकी हिचकिचाहट को दूर कर अपने बच्चों को प्राकृतिक रूप से आते यौन बदलावों में प्यार और संवेदनशीलता से सम्भालने की हिदायत की। जो कि इन बच्चों में भावनात्मक और मानसिक तौर पर सकारात्मक और आत्मविश्वास को कम नहीं होने देगा।

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