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इंजीनियर ने पूजाघर, अलमारी, फ्रिज में छिपाए 48 लाख:7 हॉस्टल का भी मालिक निकला; जिला परिषद में पोस्टेड है घूसखोर अधिकारी


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इंजीनियर ने पूजाघर, अलमारी, फ्रिज में छिपाए 48 लाख:7 हॉस्टल का भी मालिक निकला; जिला परिषद में पोस्टेड है घूसखोर अधिकारी

इंजीनियर ने पूजाघर, अलमारी, फ्रिज में छिपाए 48 लाख:7 हॉस्टल का भी मालिक निकला; जिला परिषद में पोस्टेड है घूसखोर अधिकारी

कोटा : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) उदयपुर स्पेशल यूनिट की गिरफ्त में आया डूंगरपुर जिला परिषद का XEN अजय भार्गव करोड़ों की प्रॉपर्टी का मालिक है। ट्रैप के बाद आरोपी के कोटा महावीर नगर स्थित घर की तलाशी ली गई तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। दो दिन तक ली गई घर की तलाशी में टीम को पूजाघर, फ्रिज में रखी गई लाखों की नगदी, सोना चांदी, प्रॉपर्टी व लॉकर के दस्तावेज मिले।

कोटा एसीबी स्पेशल यूनिट ने आरोपी के कोटा महावीर नगर स्थित घर की तलाशी ली।
कोटा एसीबी स्पेशल यूनिट ने आरोपी के कोटा महावीर नगर स्थित घर की तलाशी ली।

कोटा एसीबी स्पेशल यूनिट के एडिशनल एसपी विजय स्वर्णकार ने बताया आरोपी के घर से 7 अकाउंट व 2 लॉकर के दस्तावेज मिले जो परिवार के सदस्यों के नाम है। इनकी डिटेल जांच होनी है। इसके अलावा घर से 48 लाख नगदी मिली है। जिसे अलमारी, फ्रिज पूजाघर के आसपास छिपा रखा था। पहली मंजिल में रखे फ्रीज में 10 लाख, पूजा घर के पास रखे कलश में 13 लाख मिले।

इतना ही नहीं आरोपी के घर से 50 किलो चांदी भी मिली है। जिनमें सिक्के,सिल्लिया,जेवर है। 13 किलों के तो पुराने चांदी के सिक्के है। वहीं, करीब 535 ग्राम सोना मिला है। इनमें गोल्ड के कटे हुए 100-200 ग्राम के पीस हैं। आरोपी के परिवार के नाम शहर में 7-8 हॉस्टल व प्रॉपर्टी के दस्तावेज भी मिले हैं।

घर की तलाशी में महंगे विदेशी ब्रांड वाली शराब की करीब 190 बोतलें बरामद हुईं हैं।
घर की तलाशी में महंगे विदेशी ब्रांड वाली शराब की करीब 190 बोतलें बरामद हुईं हैं।

XEN अजय भार्गव विदेशी शराब का शौकीन है। एसीबी की टीम को भार्गव के कोटा स्थित घर की तलाशी में करीब 4 लाख रूपए की शराब की बातलें मिली हैं। जिस पर महावीर नगर थाना पुलिस ने एक्साईज एक्ट में मामला दर्ज किया है। आरोपी अजय भार्गव के दो बेटे हैं। एक बेटा डॉक्टर है जो इंटर्नशिप कर रहा है। दूसरा बेटा बेंगलुरु में इंजीनियर है। पत्नी भी सरकारी सेवा में है।

जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते हैं।
जांच कर रहे अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी कई खुलासे हो सकते हैं।

डूंगरपुर से लगाव, ट्रांसफर करवाकर वापस आया

अजय भार्गव की साल 2019 में डूंगरपुर में पोस्टिंग हुई थी। दो साल तक काम करने के बाद अजय भार्गव का ट्रांसफर झालावाड़ जिले में हो गया था। कोटा से नजदीक होने के बाद भी झालावाड़ में उनका मन नहीं लगा। डूंगरपुर से इतना मोह हो गया था कि तबादला करवाकर वापस साल 2022 में डूंगरपुर आ गए। अजय भार्गव के रिटायरमेंट में 2 साल बच्चे हैं। झालावाड़ में सर्विस के दौरान अजय भार्गव को 17 सीसीए का नोटिस भी जारी किया गया था।

ये था मामला

बुधवार को उदयपुर एसीबी की टीम ने डूंगरपुर में कार्रवाई करते हुए XEN अजय भार्गव को 45 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा था। अजय भार्गव डूंगरपुर में जिला परिषद में पोस्टेड है। आरोपी ने मनरेगा में स्वीकृति निकालने के लिए सामग्री मद की राशि का दो प्रतिशत रिश्वत के रूप में मांगे थे।। आरोपी ने कुल 80 हजार की डिमांड की थी। वह 20 हजार पहले ले चुका था। मामले में सत्तू पंचायत के सरपंच के बेटे ने 6 अक्टूबर उदयपुर एसीबी में शिकायत दी थी। बुधवार को एसीबी की टीम ने डूंगरपुर सर्किट हाउस में 45 हजार की रिश्वत लेते अजय भार्गव को ट्रैप किया था।

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