[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

पूर्व MLA बहादुर सिंह का भाई सरपंची का चुनाव हारा:237 वोटों से हराया; 2020 के चुनाव में भी परिवार को मिली थी हार


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राज्यहरियाणा

पूर्व MLA बहादुर सिंह का भाई सरपंची का चुनाव हारा:237 वोटों से हराया; 2020 के चुनाव में भी परिवार को मिली थी हार

पूर्व MLA बहादुर सिंह का भाई सरपंची का चुनाव हारा:237 वोटों से हराया; 2020 के चुनाव में भी परिवार को मिली थी हार

नारनौल : हरियाणा के नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं यदुवंशी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) राव बहादुर सिंह के परिवार को राजस्थान के पंचायत चुनाव में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। राजस्थान के झुंझुनूं जिले की सोहली ग्राम पंचायत में सरपंच पद के चुनाव में उनके बड़े भाई ओमप्रकाश यादव को हार का सामना करना पड़ा है।

चुनाव में प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार मनुदेवी ने उन्हें 237 वोटों के अंतर से शिकस्त दी। इस परिणाम के बाद हरियाणा और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में इस राजनीतिक परिवार की चुनावी हार चर्चा का विषय बनी हुई है। सोहली ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए 30 अक्टूबर को मतदान हुआ था। मतगणना के बाद घोषित परिणाम के अनुसार मनुदेवी को 715 वोट मिले, जबकि ओमप्रकाश यादव को 478 वोट प्राप्त हुए। इस तरह मनुदेवी ने 237 वोटों से जीत दर्ज कर सरपंच पद पर कब्जा किया। इस चुनाव में कुल छह उम्मीदवार मैदान में थे।

जीत के बाद सूरजगढ़ के कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार से मिठाई खाते हुए मनुदेवी के देवर विनोद टाइगर
जीत के बाद सूरजगढ़ के कांग्रेस विधायक श्रवण कुमार से मिठाई खाते हुए मनुदेवी के देवर विनोद टाइगर

2020 में मां को भी मिली थी हार

इस परिवार को सोहली ग्राम पंचायत में इससे पहले भी चुनावी हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2020 के पंचायत चुनाव में राव बहादुर सिंह की मां ने सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें भी जीत नहीं मिल सकी थी। अब 2026 के चुनाव में उनके बड़े भाई ओमप्रकाश यादव की हार के बाद परिवार को लगातार दूसरी बार इसी ग्राम पंचायत में चुनावी शिकस्त मिली है।

2009 में INLD के टिकट पर बने थे विधायक

राव बहादुर सिंह का हरियाणा की राजनीति में भी सक्रिय सफर रहा है। वे वर्ष 2009 में इनेलो (INLD) के टिकट पर नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। इस चुनाव में उन्हें 32,984 वोट मिले थे। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्होंने इनेलो के टिकट पर भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में वे दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें 2,75,168 वोट मिले थे।

जीत के बाद जश्न मनाते हुए लोग
जीत के बाद जश्न मनाते हुए लोग

यदुवंशी ग्रुप के हैं एमडी

राजनीति के साथ-साथ राव बहादुर सिंह शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान रखते हैं। वे यदुवंशी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। दक्षिण हरियाणा में उनका राजनीतिक और शैक्षणिक क्षेत्र में प्रभाव रहा है।

बना हुआ चर्चा का विषय

हरियाणा से सटे राजस्थान के झुंझुनूं जिले की सोहली ग्राम पंचायत में हुए इस चुनाव परिणाम को एक राजनीतिक परिवार की स्थानीय स्तर पर लगातार दूसरी हार के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि यह ग्राम पंचायत का चुनाव है, लेकिन परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि के चलते इसका परिणाम दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया है।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin rupiah89 kios77 TOKO22