भाजपा नेता भंवरलाल जांगिड़ के इंदिरा चौधरी पर गंभीर आरोप, चुनाव प्रचार से वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करने का दावा
वार्ड 18 से जिला परिषद चुनाव लड़ रही चौधरी पर पुराने वादे पूरे नहीं करने और पैतृक जमीन के विवाद में भी लगाए आरोप, जमीन मामले में एफआईआर दर्ज होने की बात कही
सीकर : भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता और समाजसेवी भंवरलाल जांगिड़ ने भाजपा नेता इंदिरा चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता में जांगिड़ ने चौधरी के चुनाव प्रचार, पिछले कार्यकाल में किए गए कथित वादों और पैतृक जमीन से जुड़े विवाद को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने संबंधित मामलों की जांच कराने की मांग की।
चुनाव प्रचार में वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी का आरोप
जांगिड़ ने कहा कि इंदिरा चौधरी जिला परिषद सीकर के वार्ड नंबर 18 से चुनाव लड़ रही हैं। उनके अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान लगाए गए बैनर और पोस्टरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी सहित किसी भी बड़े नेता का नाम या फोटो नहीं लगाया गया है।
जांगिड़ ने कहा कि शेखावाटी के वरिष्ठ नेता और यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा, प्रेम सिंह बाजोर, विधायक गोवर्धन वर्मा, सुभाष महरिया, गजानन कुमावत, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी और विधायक सुभाष मील सहित अन्य नेताओं की भी अनदेखी की गई है। उन्होंने इसे भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं का अपमान बताते हुए विरोध जताया।
पुराने वार्ड में किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप
भंवरलाल जांगिड़ ने दावा किया कि इंदिरा चौधरी इससे पहले जिला परिषद के वार्ड नंबर 11 से चुनाव जीती थीं। उस दौरान गांव के विकास और स्कूली बच्चों के लिए 11 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी, लेकिन उनके आरोप के अनुसार, राशि का भुगतान अब तक नहीं हुआ। जांगिड़ ने कहा कि चौधरी अब वार्ड नंबर 11 के बजाय वार्ड नंबर 18 से चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों में नाराजगी होने की बात कही।
जांगिड़ ने कहा कि इस तरह की घोषणाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा मिशन की भावना को नुकसान पहुंचता है।
पैतृक जमीन को लेकर विवाद, एफआईआर दर्ज होने का दावा
जांगिड़ ने अपनी पैतृक जमीन से जुड़े विवाद में भी इंदिरा चौधरी, उनके पति जगदीश गिठाला और उनके पुत्र पर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि जमीन के संबंध में उनके बीच एक समझौता हुआ था, जिसके अनुसार 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करवाकर कब्जा सौंपा गया था। जांगिड़ का आरोप है कि बाद में उनके फर्जी हस्ताक्षर कराकर सीमाज्ञान की प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई और 25 बीघा जमीन पर कब्जा कर लिया गया।
जांगिड़ के अनुसार, इस मामले में जीणमाता थाने में 19 अगस्त 2026 को एफआईआर संख्या 127 दर्ज करवाई गई है और मामले में अनुसंधान जारी है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।
नामांकन की जांच की मांग
जांगिड़ ने आरोप लगाया कि इंदिरा चौधरी ने तथ्यों को छिपाकर जिला परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नामांकन और लगाए गए आरोपों की जांच कराने की मांग की है।
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