सीकर में ठेकेदार-अधिकारी मारपीट मामला गरमाया, ठेकेदारों ने किया प्रदर्शन
आरोपी इंजीनियर की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग, मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; समय पर भुगतान और ठेकेदार प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की उठाई आवाज
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : नैना शेखावत
सीकर : सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में ठेकेदार और अधिकारी के बीच मारपीट का मामला तूल पकड़ने लगा है। घटना के विरोध में सार्वजनिक निर्माण विभाग ठेकेदार एसोसिएशन के बैनर तले ठेकेदारों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच, आरोपी इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई और मारपीट में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग की।
एसोसिएशन की ओर से दिए गए ज्ञापन के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक निर्माण विभाग के खंड प्रथम कार्यालय, सीकर में संवेदक रामावतार जाखड़ के साथ मारपीट की घटना हुई थी। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि इंजीनियर की ओर से बाहर से बुलाए गए लोगों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनकी आंख, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद ठेकेदारों में आक्रोश है।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की मांग
ठेकेदार एसोसिएशन ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पीडब्ल्यूडी कार्यालय से पुलिया तक लगे सरकारी और निजी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाने की मांग की है। ज्ञापन में 7 अक्टूबर को दोपहर 1:38 बजे से 2:40 बजे तक की फुटेज के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की बात कही गई है। साथ ही, मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की गई है।

समय पर भुगतान और सुरक्षा कानून लागू करने की मांग
प्रदर्शनकारी ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए निर्माण कार्यों के बिलों का भुगतान समय पर करने की मांग उठाई। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि भुगतान में देरी से ठेकेदारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन में ठेकेदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, ठेकेदार प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने और भुगतान संबंधी नियमों की पालना कराने की मांग भी शामिल है।
उपमुख्यमंत्री सहित संबंधित अधिकारियों को भेजी प्रतियां
ठेकेदार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के साथ सार्वजनिक निर्माण विभाग की प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, विधि मंत्री, विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और अन्य संबंधित अधिकारियों को भी ज्ञापन की प्रतियां भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि मांगों का उद्देश्य ठेकेदारों के हितों की रक्षा करना, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।
गौरतलब है कि इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से उद्योग नगर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट के मुकदमे दर्ज करवाए गए हैं। ऐसे में पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
कॉन्ट्रैक्टर प्रोटेक्शन एक्ट की मांग
ज्ञापन के माध्यम से ठेकेदारों ने विभागीय अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग और समय पर बिलों का भुगतान ना करने का भी आरोप लगाया है। ज्ञापन में ठेकेदारों की सुरक्षा के लिए कॉन्ट्रैक्टर प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने तथा भुगतान के नियमों का पालन करने की मांग की है।
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