मानसिक गृह की जांच करवाने की मांग:SFI नेता बोले- नियमों का उल्लंघन हो तो कार्रवाई की जाए
मानसिक गृह की जांच करवाने की मांग:SFI नेता बोले- नियमों का उल्लंघन हो तो कार्रवाई की जाए
झुंझुनूं : मानसिक रूप से कमजोर और विशेष देखभाल की जरूरत वाले लोगों के लिए संचालित गृह को लेकर स्टूडेंट्स फैडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। SFI तहसील कमेटी झुंझुनूं ने इस संबंध में प्रशासन और संबंधित विभागों को पत्र भेजकर जयपुर से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विशेष टीम बुलाने की मांग की है। संगठन ने कहा है कि संस्थान की मान्यता, संचालन की शर्तों, निर्धारित मापदंड, स्टाफ व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था सहित पूरे संचालन की गहन जांच होनी चाहिए।
स्वीकृत पते और वर्तमान संचालन स्थल की जांच हो
- SFI ने मांग की है कि गृह के स्वीकृत स्थान और वास्तविक संचालन स्थल का भौतिक सत्यापन कराया जाए। यदि गृह झुंझुनूं शहर के नाम से स्वीकृत है और उसका संचालन किसी गांव या ग्रामीण क्षेत्र में किया जा रहा है तो इसकी वैधता और विभागीय अनुमति की जांच की जाए।
- संगठन ने यह भी स्पष्ट करने की मांग की है कि संस्थान को किस पते पर स्वीकृति मिली थी और वर्तमान संचालन स्थल के लिए सक्षम विभाग से अनुमति ली गई है या नहीं।
- पत्र में मानसिक रूप से कमजोर अथवा विशेष देखभाल की जरूरत वाले आवासियों से खेतों या अन्य स्थानों पर काम करवाए जाने की शिकायतों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। SFI ने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार का शोषण या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

सरकारी अनुदान और बैंक खातों की जांच हो
SFI ने संस्थान को प्राप्त सरकारी सहायता और अनुदान के उपयोग की भी जांच कराने की मांग की है। संगठन ने कहा कि यह देखा जाए कि सरकारी सहायता किस मद में और किस प्रकार खर्च की गई। इसके साथ ही संबंधित बैंक खातों की भी जांच कराने की मांग की गई है।
आवासियों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी की मांग
संगठन ने प्रशासन से आवासियों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी रखने की मांग की है। आवश्यकता होने पर उन्हें किसी सुरक्षित वैकल्पिक संस्थान में स्थानांतरित करने पर भी विचार करने की बात कही गई है।
SFI ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच की निगरानी वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि जांच के दौरान किसी प्रकार का दबाव नहीं होना चाहिए और आवासियों के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ या हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जांच में अनियमितता या मानवाधिकार उल्लंघन सामने आता है तो तत्काल कार्रवाई की जाए। अन्यथा SFI ने आंदोलन करने की चेतावनी दी है। संगठन ने कहा कि इसके लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा।
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