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सरस घी के साथ मिठाई खरीदने की अनिवार्यता,विक्रेताओं में रोष:50 से 300 किलो घी पर 3 से 15 किलो मिठाई लेनी होगी, छोटे पैक की बिक्री प्रभावित


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सरस घी के साथ मिठाई खरीदने की अनिवार्यता,विक्रेताओं में रोष:50 से 300 किलो घी पर 3 से 15 किलो मिठाई लेनी होगी, छोटे पैक की बिक्री प्रभावित

सरस घी के साथ मिठाई खरीदने की अनिवार्यता,विक्रेताओं में रोष:50 से 300 किलो घी पर 3 से 15 किलो मिठाई लेनी होगी, छोटे पैक की बिक्री प्रभावित

पलसाना : पलसाना सरस डेयरी के घी विक्रेताओं के लिए मिठाई खरीदना अनिवार्य किए जाने के फैसले से सीकर-झुंझुनूं क्षेत्र के विक्रेताओं में नाराजगी है। राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) के नए आदेश के अनुसार अब सरस घी की निर्धारित मात्रा खरीदने वाले विक्रेताओं को इसके साथ सरस ब्रांड की मिठाइयां भी खरीदनी होंगी। इस फैसले के बाद मिठाई की अनिवार्य खरीद को लेकर विक्रेताओं और बूथ संचालकों ने विरोध जताया है।

आदेश के अनुसार 50 से 300 किलो तक सरस घी खरीदने पर विक्रेताओं को 3 से 15 किलो तक मिठाई खरीदनी होगी। पहले मिठाई खरीदने या बेचने की कोई बाध्यता नहीं थी। डेयरी प्रबंधन ने सरस घी के साथ अपने ब्रांड की मिठाइयों की बिक्री को अनिवार्य कर दिया है।

विक्रेताओं का कहना है कि मिठाई की मांग सीमित होने के कारण अनिवार्य रूप से खरीद करने पर स्टॉक जमा होने और नुकसान उठाने की आशंका है। विरोध स्वरूप पिछले 15 दिनों से कई विक्रेताओं ने आधा किलो और एक किलो की सरस घी पैकिंग की बिक्री बंद कर दी है। छोटे पैक उपलब्ध नहीं होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। त्योहारों के सीजन में सरस घी की उपलब्धता प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।

त्योहारों पर होती है मिठाइयों की बिक्री

सरस डेयरी संघ पिछले तीन वर्षों से रक्षाबंधन और दीपावली पर रसगुल्ला, गुलाब जामुन, मिश्री मावा, राजभोग और सोन पापड़ी जैसी मिठाइयों की बिक्री काउंटरों के माध्यम से करवाता रहा है। हालांकि, पहले विक्रेताओं के लिए इन मिठाइयों को खरीदना या बेचना अनिवार्य नहीं था।

एक साल में करीब 3000 टन सरस घी की खपत

पलसाना डेयरी से मिले आंकड़ों के अनुसार क्षेत्र में एक साल में करीब 3000 टन सरस घी की खपत होती है। इससे सालाना लगभग 160 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। वहीं, दीपावली और रक्षाबंधन पर 18 से 20 टन मिठाई की बिक्री होती है।

सरस का बाजार प्रभावित हो सकता है – चेयरमैन

पलसाना डेयरी के चेयरमैन जीताराम ने बताया कि घी के साथ मिठाई की अनिवार्य बिक्री से सरस का बाजार प्रभावित हो सकता है। डेयरी एमडी को बार-बार अवगत कराने के बावजूद संचालक मंडल के निर्णय को पलटा नहीं जा रहा है। मिठाई की मांग कम होने के कारण विक्रेताओं को स्टॉक जमा होने और आर्थिक नुकसान का खतरा है। वहीं, पलसाना डेयरी के एमडी कपिल शर्मा के अनुसार सरस घी के साथ मिठाई की अनिवार्यता आरसीडीएफ के आदेश पर लागू की गई है। छोटी पैकिंग की मांग अधिक होने के कारण काउंटरों पर उपलब्धता प्रभावित हुई है। उत्पादन बढ़ाने के साथ ही आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विक्रेताओं की मांग है कि घी के साथ मिठाई खरीदने की अनिवार्यता पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को सरस घी की छोटी पैकिंग आसानी से उपलब्ध हो सके।

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