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डीबी अस्पताल में पेन एवं पैलिएटिव केयर ओपीडी शुरू:लंबे समय से दर्द और गंभीर बीमारियों से परेशान रोगियों को मिलेगा इलाज


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डीबी अस्पताल में पेन एवं पैलिएटिव केयर ओपीडी शुरू:लंबे समय से दर्द और गंभीर बीमारियों से परेशान रोगियों को मिलेगा इलाज

डीबी अस्पताल में पेन एवं पैलिएटिव केयर ओपीडी शुरू:लंबे समय से दर्द और गंभीर बीमारियों से परेशान रोगियों को मिलेगा इलाज

चूरू : चूरू के डीबी अस्पताल में पेन एवं पैलिएटिव केयर ओपीडी शुरू हो गई है। इससे लंबे समय से दर्द और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को अब इलाज के लिए जयपुर या दिल्ली जैसे बड़े शहरों में नहीं जाना पड़ेगा।

यह ओपीडी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में एनेस्थेटिक डॉ. सुमन के मार्गदर्शन में चल रही है। डॉ. सुमन एनेस्थीसिया और पेन मेडिसिन विशेषज्ञ हैं। उनके साथ निश्चेतना विभाग की डॉ. आकांक्षा भी सेवाएं देंगी। पेन क्लिनिक में दवाओं के साथ नर्व ब्लॉक, इंजेक्शन तकनीक, एपिड्यूरल स्टेरॉयड इंजेक्शन जैसे आधुनिक तरीकों से इलाज होगा। इसमें स्लिप डिस्क, साइटिका, रीढ़, घुटने, कंधे और कूल्हे के दर्द का उपचार किया जाएगा। यहां नसों के दर्द, दाद के बाद होने वाले दर्द, माइग्रेन और कैंसर से जुड़े दर्द का भी प्रबंधन होगा।

चूरू के डीबी अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में फुट एंड एंकल क्लिनिक की शुरुआत हुई।
चूरू के डीबी अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में फुट एंड एंकल क्लिनिक की शुरुआत हुई।

डीबी अस्पताल में फुट एंड एंकल क्लिनिक शुरू

इधर डीबी अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में गुरुवार को फुट एंड एंकल क्लिनिक की शुरुआत हुई। इसका उद्घाटन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. रमाकांत वर्मा और अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक चौधरी ने किया। इस क्लिनिक का मकसद पैर और टखने से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज करना है।

फुट एंड एंकल सर्जन डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि पैर और टखना शरीर के चलने-फिरने के लिए बहुत जरूरी हैं। इन समस्याओं के लिए मरीजों को अक्सर जयपुर या दिल्ली जाना पड़ता था। अब उन्हें यहीं विशेषज्ञ सलाह और आधुनिक इलाज मिलेगा।

पैर व टखने की जटिल बीमारियों का होगा इलाज

क्लिनिक में हर मंगलवार और गुरुवार को मरीजों की जांच व इलाज होगा। यहां पैर व टखने की चोट, विकृति, चलने-फिरने की परेशानी और पुरानी समस्याओं पर खास ध्यान दिया जाएगा। मिनिमली इनवेसिव सर्जरी (एमआईएस) और आर्थोस्कोपी जैसी आधुनिक तकनीकें भी मिलेंगी।

आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को मुफ्त इलाज मिलेगा। डॉ. शर्मा ने बताया कि क्लिनिक का लक्ष्य मरीजों का दर्द कम कर उनकी गतिशीलता वापस लाना है। इससे चिकित्सा शिक्षा व शोध को भी बढ़ावा मिलेगा।

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