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झुंझुनूं के 19 निकायों में बदले सत्ता के समीकरण


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झुंझुनूं के 19 निकायों में बदले सत्ता के समीकरण

कांग्रेस ने 10 निकायों में बनाया बोर्ड, भाजपा को 4 जगह अध्यक्ष पद; निर्दलीयों ने भी कई जगह बदले समीकरण

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद आरिफ चंदेल

झुंझुनूं : नगर निकाय चुनाव-2026 के बाद झुंझुनूं जिले की 19 नगर परिषद और नगरपालिकाओं में अध्यक्ष पदों के चुनाव के साथ ही स्थानीय राजनीति के नए समीकरण सामने आए हैं। उपलब्ध चुनाव परिणामों के अनुसार कांग्रेस ने जिले के 19 निकायों में से 10 में अध्यक्ष पद हासिल किया, जबकि भाजपा को 4 निकायों में सफलता मिली। शेष निकायों में निर्दलीय प्रत्याशी अध्यक्ष बने।

झुंझुनूं नगर परिषद में कांग्रेस के अब्दुल्ला अगवान सभापति निर्वाचित हुए। 60 सदस्यीय परिषद में कांग्रेस के 30, भाजपा के 15 और निर्दलीय 15 पार्षद चुने गए थे। सभापति चुनाव में अगवान को 35 वोट मिले, जबकि भाजपा के मनु धनखड़ को 25 वोट मिले।

इसके बाद उपसभापति पद पर निर्दलीय पार्षद वीरेंद्र डारा कांग्रेस के समर्थन से निर्वाचित हुए। डारा को 44 और भाजपा के बुधराम सैनी को 16 वोट मिले। इस तरह झुंझुनूं नगर परिषद में सभापति और उपसभापति दोनों पद कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के पास गए।

कई निकायों में कांग्रेस का प्रभाव

जिले के विभिन्न निकायों में कांग्रेस ने कई जगह अध्यक्ष पद हासिल किए। मंडावा, बगड़ और अन्य निकायों में भी कांग्रेस प्रत्याशियों ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। मंडावा में कांग्रेस के सज्जन मिश्रा अध्यक्ष और बाद में नवाब खत्री उपाध्यक्ष निर्वाचित हुए।

बिसाऊ में भाजपा की जुलेखा ने 13 वोट लेकर कांग्रेस प्रत्याशी को 12 वोटों से हराया। वहीं मलसीसर में अध्यक्ष पद का फैसला 10-10 वोट की बराबरी के बाद पर्ची से हुआ, जिसमें भाजपा के पवन कुमार के नाम की पर्ची निकली।

निर्दलीयों की भी अहम भूमिका

नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय पार्षदों ने कई निकायों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चुनाव परिणामों के अनुसार पिलानी, चिड़ावा, सूरजगढ़ सहित कई निकायों में निर्दलीय प्रत्याशी अध्यक्ष पद तक पहुंचे। चिड़ावा के 45 सदस्यीय निकाय में भी निर्दलीय प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद हासिल किया, जबकि पिलानी में निर्दलीय प्रत्याशी की जीत रही।

जिले के वार्ड परिणामों में भी निर्दलीयों की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। 19 निकायों के कुल 555 वार्डों के परिणामों में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच व्यापक मुकाबला देखने को मिला।

अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव के बाद तस्वीर साफ

अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव पूरे होने के बाद अब जिले के सभी 19 निकायों में स्थानीय नेतृत्व की तस्वीर स्पष्ट हो गई है। कई जगह अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए पार्षदों के बीच बने स्थानीय समीकरणों ने अंतिम परिणाम तय किए। खासकर बराबरी की स्थिति में पर्ची से हुए फैसलों और निर्दलीय पार्षदों की भूमिका ने इन चुनावों को रोचक बनाया।

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