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चिड़ावा में निर्दलीयों का दबदबा, 45 में से 22 वार्डों पर कब्जा


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चिड़ावा में निर्दलीयों का दबदबा, 45 में से 22 वार्डों पर कब्जा

कांग्रेस को 13 और भाजपा को 10 सीटें; निर्दलीय बहुमत से एक कदम दूर, निखिल मावनडिया की 557 मतों से सबसे बड़ी जीत

चिड़ावा :  नगर पालिका चुनाव के 45 वार्डों के परिणाम में निर्दलीय प्रत्याशी सबसे बड़े समूह के रूप में उभरे हैं। निर्दलीयों ने 22 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस को 13 और भाजपा को 10 सीटें मिलीं। बहुमत के लिए 23 पार्षदों की जरूरत है और निर्दलीय इस आंकड़े से केवल एक सीट दूर हैं। ऐसे में नगर पालिका के बोर्ड गठन और अध्यक्ष पद का गणित बेहद दिलचस्प हो गया है।

चुनाव में सर्वाधिक मत पाने और सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड वार्ड 23 के भाजपा प्रत्याशी निखिल मावनडिया के नाम रहा। उन्होंने 814 मत प्राप्त कर कांग्रेस के अनुराग सिंह को 557 मतों के विशाल अंतर से हराया। वार्ड 43 में निर्दलीय संगीता शेखावत ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 721 मत हासिल किए और निर्दलीय सरोज को 463 मतों से पराजित किया।

सबसे करीबी मुकाबला वार्ड 15 और 44 में रहा। वार्ड 15 में कांग्रेस के शिशराम सैनी ने निर्दलीय सरिता को महज 4 मतों से हराया। वार्ड 44 में भाजपा के विकास चाहर ने निर्दलीय राकेश कुमार को केवल 4 मतों से पराजित किया। वार्ड 14 और 27 में भी जीत का अंतर सिर्फ 5-5 मत रहा, जबकि वार्ड 30 में निर्दलीय राकेश ने निर्दलीय विमला देवी को 8 मतों से हराया।

निर्दलीयों ने वार्ड 4, 7, 8, 9, 10, 12, 14, 16, 17, 18, 22, 24, 25, 26, 28, 29, 30, 32, 34, 40, 42 और 43 में जीत दर्ज की। कांग्रेस ने वार्ड 1, 2, 3, 5, 6, 11, 13, 15, 19, 20, 33, 36 और 41 में कब्जा जमाया। भाजपा ने वार्ड 21, 23, 27, 31, 35, 37, 38, 39, 44 और 45 में जीत हासिल की।

बोर्ड गठन के लिए एक सीट की दरकार

45 सदस्यीय नगर पालिका में बहुमत के लिए 23 पार्षदों की जरूरत होगी। निर्दलीयों के पास 22 सीटें हैं, यानी बहुमत से केवल एक सीट कम। कांग्रेस के 13 और भाजपा के 10 पार्षद हैं। ऐसे में एक निर्दलीय का समर्थन भी बोर्ड गठन के समीकरण को निर्णायक रूप से बदल सकता है। अध्यक्ष पद के चुनाव में भी निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है।

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