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मानोता जाटान के हनुमान मंदिर में वार्षिक मेला:श्रद्धालुओं ने लगाई धोक, कुश्ती दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम


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मानोता जाटान के हनुमान मंदिर में वार्षिक मेला:श्रद्धालुओं ने लगाई धोक, कुश्ती दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम

मानोता जाटान के हनुमान मंदिर में वार्षिक मेला:श्रद्धालुओं ने लगाई धोक, कुश्ती दंगल में पहलवानों ने दिखाया दमखम

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के मानोता जाटान स्थित हनुमान मंदिर में गणेश चतुर्थी पर तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का सोमवार को वार्षिक मेले के साथ समापन हुआ। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी । पुजारी राजेंद्र स्वामी के सानिध्य में सुबह सवा 5 बजे हनुमान जी की ज्योत जलाई गई और महाआरती हुई। इसके बाद आसपास के गांवों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने हनुमान जी के दरबार में धोक लगाई। उन्होंने पूजा-अर्चना की और मन्नतें मांगी।

मेले के दौरान मानोता जाटान के दर्जनों युवा हनुमान भक्त उबली के बालाजी से डाक निशान लेकर मंदिर पहुंचे। वे करीब सवा घंटे में मंदिर पहुंचे। डाक निशान हनुमान जी को अर्पित कर पूजा-अर्चना की गई। ग्रामीणों ने खीर, चूरमा, नारियल और मोदक जैसे पारंपरिक व्यंजनों का भोग लगाया। विवाहित महिलाओं ने गठ जोड़ से जात लगाई, वहीं बच्चों के जड़ूले भी उतरवाए गए।

मेले में महिलाओं और बच्चों ने धार्मिक आस्था के साथ खूब आनंद लिया। महिलाओं ने अलग-अलग दुकानों से खरीदारी की, जबकि बच्चों ने झूलों का मजा लिया। मेले के मौके पर कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता मंदिर कमेटी अध्यक्ष रामनारायण ढाका ने की। दंगल में क्षेत्र सहित कई जगहों से आए पहलवानों ने अखाड़े में दांव-पेंच दिखाए।

कुश्ती में पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया।
कुश्ती में पहलवानों ने अपना दमखम दिखाया।

अंतिम कुश्ती अशोक पहलवान सिलारपुरी और खयाली बांसियाल के बीच हुई, जिसमें अशोक सिलारपुरी विजेता रहे। लंबी कूद और ऊंची कूद में कर्ण सिंह पहले और अनिल झाझड़िया दूसरे स्थान पर रहे। बुजुर्ग दौड़ में मूलचंद ढाका ने पहला स्थान पाया। कमेटी ने विजेता पहलवानों और प्रतिभागियों को नकद इनाम देकर सम्मानित किया।

कुश्ती दंगल में गुलजारी खान पीटीआई और मास्टर हंसराम काजला ने रेफरी की भूमिका निभाई, जबकि इसका संचालन व्याख्याता अरविंद जांगिड़ ने किया।

इस मौके पर प्रशासक बहादुर मल मेघवाल, मंदिर कमेटी अध्यक्ष रामनारायण ढाका, रविंद्र पायल डीलर, सूबेदार सुरेश ताखर, विनोद ढाका, मास्टर सभाचंद्र ढाका, चंदगी राम ठेकेदार, पूर्व सरपंच अमर सिंह झाझड़िया, सूबेदार रूपचंद ढाका, कैप्टन प्रताप शर्मा और गोकुल मेघवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।

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