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झुंझुनूं में शहीद रामदेव और करणीराम की मूर्तियों का अनावरण:गीलों की ढाणी में कल जुटेंगे लोग; शहीदों की याद में लगता है मेला


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झुंझुनूं में शहीद रामदेव और करणीराम की मूर्तियों का अनावरण:गीलों की ढाणी में कल जुटेंगे लोग; शहीदों की याद में लगता है मेला

झुंझुनूं में शहीद रामदेव और करणीराम की मूर्तियों का अनावरण:गीलों की ढाणी में कल जुटेंगे लोग; शहीदों की याद में लगता है मेला

झुंझुनूं : झुंझुनूं के भोड़की गांव की गीलों की ढाणी में रविवार को शहीद रामदेव सिंह और शहीद करणीराम की मूर्तियों का अनावरण होगा। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झुंझुनूं सांसद बृजेंद्र सिंह ओला होंगे। शहीद रामदेव सिंह के बेटे डॉ. नरेंद्र गिल ने बताया कि शहीद रामदेव सिंह का जन्मस्थान और शहीद करणीराम का ससुराल गीलों की ढाणी में है। इसी कारण यहां दोनों शहीदों की मूर्तियां लगाई गई हैं। इनका अनावरण शहीद रामदेव सिंह के बेटों द्वारा किया जाएगा।

डॉ. नरेंद्र गिल ने यह भी बताया कि देश आजाद होने के बाद भी इलाके में जागीरदारी प्रथा का असर था। इसके विरोध में और लोगों के हक के लिए शहीद रामदेव सिंह और शहीद करणीराम ने आवाज उठाई थी। इसी सिलसिले में वे चंवरा गांव में गुर्जरों की एक ढाणी में पहुंचे थे। बताया जाता है कि वे वहां एक घर में खाना खाने के बाद आराम कर रहे थे। तभी सामंत घोड़ों पर सवार होकर उनकी तरफ आते दिखे। सैंडू गुर्जर की बेटी ने उन्हें खतरे की जानकारी दी और भागने या छिपने की सलाह भी दी।

इसके बाद 13 मई 1952 को शासकों ने करीब तीन फीट की दूरी से गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। बाद में दोनों शहीदों के शवों को जिला मुख्यालय ले जाकर जाट बोर्डिंग में अंतिम संस्कार किया गया। उनकी याद में जाट बोर्डिंग, कलेक्ट्रेट सर्किल और चंवरा गांव में पहले भी मूर्तियां लगाई जा चुकी हैं।

चंवरा गांव में हर साल 13 मई को शहीदों की याद में मेला भी लगता है। स्थानीय लोग दोनों शहीदों को भगवान के समान मानते हैं और उनसे गहरी आस्था रखते हैं। अब गीलों की ढाणी में दोनों शहीदों की मूर्तियों का यह चौथी जगह अनावरण होगा। समारोह में आसपास के गांवों से हजारों लोगों के आने की संभावना है।

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