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निकाय चुनाव : चुनौती बने बागियों को मनाने की कवायद तेज, कई वार्डों में बागी बिगाड़ सकते हैं समीकरण


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निकाय चुनाव : चुनौती बने बागियों को मनाने की कवायद तेज, कई वार्डों में बागी बिगाड़ सकते हैं समीकरण

प्रलोभनों के लॉलीपॉप से बागियों की हो रही मनुहार

झुंझुनूं : नगर परिषद चुनाव में चुनाव चिन्ह आवंटन के साथ ही चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। 60 वार्डों में कुल 262 प्रत्याशी मैदान में हैं। भाजपा के 41 और कांग्रेस के 51 अधिकृत प्रत्याशी हैं, बाकी करीब 170 निर्दलीय ही बागी बनकर दोनों पार्टियों की नींद उड़ा रहे हैं।

बागी बन सकते हैं निर्णायक
झुंझुनूं में बागियों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। खासकर उन वार्डों में जहां मुकाबला पहले से ही करीबी माना जा रहा है, वहां बागी प्रत्याशी वोटों के गणित को प्रभावित कर सकते हैं। अब निगाहें इस पर हैं कि कौन मानता है और कौन मैदान में डटा रहता है।

60 वार्ड, 262 प्रत्याशी, 170 निर्दलीय ने बदले समीकरण
नामांकन वापसी के बाद 334 में से 72 ने नाम वापस लिए। अब भाजपा और कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने ही बागियों को मनाने की है। कई वार्डों में त्रिकोणीय और चतुष्कोणीय मुकाबला बन रहा है।

भविष्य के दिखाए जा रहे सपने
कांग्रेस और भाजपा के नेता बागियों से पुराने राजनीतिक संबंधों, संगठन के प्रति जिम्मेदारी और भविष्य में मिलने वाले अवसरों को लेकर संवाद कर रहे हैं। कई जगह यह समझाने का प्रयास है कि पार्टी से अलग होकर चुनाव लड़ने से स्थानीय स्तर पर समीकरण बिगड़ेंगे।

मनोनयन का भरोसा
भाजपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार कुछ बागियों को आगे संगठन में जिम्मेदारी, मनोनीत पार्षद जैसे राजनीतिक अवसर तथा अन्य स्तर पर सहयोग का भरोसा दिए जाने की चर्चा है। वहीं कांग्रेस में भी परिवार के किसी सदस्य को मनचाहे स्थान पर तबादले और भविष्य के टिकट का आश्वासन देकर चुनाव मैदान से हटाने की कवायद जारी है।

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