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बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण पहुंचे नांगल पावर हाउस, अधिकारी पर धमकाने के आरोप


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बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण पहुंचे नांगल पावर हाउस, अधिकारी पर धमकाने के आरोप

रघुनाथपुरा प्रशासक संजय नेहरा व समाजसेवी संजय रेप्सवाल के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीण; बिजली कटौती की जानकारी लेने पर पुलिसकर्मी पर वीडियो बनाने से रोकने और धमकाने के आरोप

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल

उदयपुरवाटी : रघुनाथपुरा ग्राम पंचायत क्षेत्र में पिछले करीब 20 दिनों से कथित रूप से लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण गुरुवार को उदयपुरवाटी के निकट नांगल पावर हाउस पहुंचे। ग्रामीणों ने रघुनाथपुरा प्रशासक संजय नेहरा एवं समाजसेवी संजय रेप्सवाल के नेतृत्व में बिजली कटौती की जानकारी लेने और समस्या के समाधान की मांग की।

ग्रामीणों का कहना था कि लगातार बिजली कटौती के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पावर हाउस पहुंचकर ग्रामीणों ने अधिकारियों से बिजली कटौती का कारण पूछा और कहा कि यदि आगे से कटौती की जानी है तो इसकी सूचना या मैसेज उपलब्ध कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।

वीडियो बनाने पर भड़के पुलिसकर्मी, धमकाने का आरोप

ग्रामीणों के अनुसार, इसी दौरान उदयपुरवाटी पुलिस थाने से पहुंचे डीईओ राजेंद्र ने बार-बार वीडियो बनाने से मना किया। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने वीडियो बना रहे लोगों को भी धमकाया और कहा कि “वीडियो बनाकर क्या बिगाड़ लोगे।”

मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि बिजली कटौती को लेकर सवाल कर रहे ग्रामीणों और वीडियो बना रहे व्यक्ति के साथ पुलिसकर्मी की बहस जैसी स्थिति भी बनी। ग्रामीणों के वहां से जाने के बाद अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

कैमरा चालू होते ही गाड़ी लेकर निकले

ग्रामीणों का आरोप है कि जब वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने कैमरा चालू किया तो संबंधित पुलिसकर्मी गाड़ी स्टार्ट कर वहां से चले गए। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आने की बात कही जा रही है।

ग्रामीणों ने बिजली विभाग से पिछले करीब 20 दिनों से चल रही बिजली कटौती का कारण स्पष्ट करने तथा कटौती की स्थिति में पूर्व सूचना देने की मांग की है। वहीं, वीडियो बनाने से रोकने और कथित धमकी के मामले में भी उच्च अधिकारियों से जांच की मांग उठाई है।

हालांकि, पुलिसकर्मी पर लगाए गए आरोपों को लेकर संबंधित अधिकारी का पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। मामले में बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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