छात्राओं के साथ बिना कपड़ों के नहाता दिखा प्रिंसिपल:तैराकी सिखाने के बहाने बांध पर ले गया; बिना लाइफ जैकेट के पानी में उतारा
राजस्थान के अलवर में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पर छात्राओं को तैराकी और भ्रमण के बहाने बांध ले जाने का आरोप लगा है. वायरल वीडियो में वह छात्राओं के साथ पानी में दिखाई दे रहा है. मामले के सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है. शिक्षा विभाग ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है और पुलिस भी वीडियो के आधार पर जांच कर रही है.
अलवर : जिले के एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल का आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. वायरल वीडियो को लेकर ग्रामीणों में भी काफी गुस्सा है. आरोप है कि प्रिंसिपल 9वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं के साथ बांध में नहाता हुआ दिखाई दे रहा है. वीडियो में प्रिंसिपल बिना कपड़ों के नजर आ रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि तैराकी सिखाने के बहाने प्रिंसिपल छात्राओं को गोद में उठाता हुआ भी दिखाई दिया.
मामले की जानकारी सामने आने के बाद शनिवार को गुस्साए ग्रामीण स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल को जमकर खरी-खोटी सुनाई. ग्रामीणों ने पूरे मामले की सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलने के बाद पुलिस स्कूल पहुंची और प्रिंसिपल के बयान दर्ज किए. फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और सामने आए आरोपों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.
स्वतंत्रता दिवस के बाद बच्चों को बांध ले जाने का आरोप
जानकारी के मुताबिक 15 अगस्त को स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह हुआ था. कार्यक्रम खत्म होने के बाद प्रिंसिपल स्कूल के करीब 200 छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते करीब 2 किलोमीटर दूर भड़ाज के बांध पर ले गया. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को जंगल के रास्ते पैदल ले जाया गया था. जिस रास्ते से बच्चों को ले जाया गया, वहां टाइगर मूवमेंट भी रहता है. आरोप है कि इस दौरान स्कूल की कोई महिला टीचर भी बच्चों के साथ नहीं थी.
जानकारी के मुताबिक 15 अगस्त को स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह हुआ था. कार्यक्रम खत्म होने के बाद प्रिंसिपल स्कूल के करीब 200 छात्र-छात्राओं को जंगल के रास्ते करीब 2 किलोमीटर दूर भड़ाज के बांध पर ले गया. ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को जंगल के रास्ते पैदल ले जाया गया था. जिस रास्ते से बच्चों को ले जाया गया, वहां टाइगर मूवमेंट भी रहता है. आरोप है कि इस दौरान स्कूल की कोई महिला टीचर भी बच्चों के साथ नहीं थी.
बिना सुरक्षा इंतजाम के बांध में उतारने का आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक भड़ाज का यह बांध पहले से ही हादसों को लेकर संवेदनशील रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि बांध की पाल करीब 5 से 6 फीट चौड़ी है और यहां पहले भी कई बच्चों और युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है. ग्रामीणों के अनुसार हादसे की आशंका को देखते हुए पिछले करीब 4 साल से यहां जाने पर पाबंदी भी रही है. इसके बावजूद आरोप है कि प्रिंसिपल करीब 20 से 25 बड़ी बालिकाओं सहित करीब 200 बच्चों को बांध में ले गया और उन्हें बिना लाइफ जैकेट तथा दूसरे सुरक्षा इंतजामों के पानी में उतार दिया.
ग्रामीणों के मुताबिक भड़ाज का यह बांध पहले से ही हादसों को लेकर संवेदनशील रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि बांध की पाल करीब 5 से 6 फीट चौड़ी है और यहां पहले भी कई बच्चों और युवकों की डूबने से मौत हो चुकी है. ग्रामीणों के अनुसार हादसे की आशंका को देखते हुए पिछले करीब 4 साल से यहां जाने पर पाबंदी भी रही है. इसके बावजूद आरोप है कि प्रिंसिपल करीब 20 से 25 बड़ी बालिकाओं सहित करीब 200 बच्चों को बांध में ले गया और उन्हें बिना लाइफ जैकेट तथा दूसरे सुरक्षा इंतजामों के पानी में उतार दिया.
अधिकतर बच्चों को तैरना भी नहीं आता था
इस मामले में ग्रामीणों ने सबसे बड़ा सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया है. उनका कहना है कि बांध में उतारे गए अधिकतर बच्चों को तैरना भी नहीं आता था. ऐसे में इतने बच्चों को बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के पानी में उतारना अपने आप में बड़ा जोखिम था. इसी दौरान सामने आए वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया. वायरल वीडियो में प्रिंसिपल बिना कपड़ों के 9वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं के साथ बांध में नहाता हुआ दिखाई देने का दावा किया जा रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल तैराकी सिखाने के नाम पर छात्राओं को गोद में उठाता हुआ भी नजर आया.
इस मामले में ग्रामीणों ने सबसे बड़ा सवाल बच्चों की सुरक्षा को लेकर उठाया है. उनका कहना है कि बांध में उतारे गए अधिकतर बच्चों को तैरना भी नहीं आता था. ऐसे में इतने बच्चों को बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के पानी में उतारना अपने आप में बड़ा जोखिम था. इसी दौरान सामने आए वीडियो ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया. वायरल वीडियो में प्रिंसिपल बिना कपड़ों के 9वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं के साथ बांध में नहाता हुआ दिखाई देने का दावा किया जा रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल तैराकी सिखाने के नाम पर छात्राओं को गोद में उठाता हुआ भी नजर आया.
वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में गुस्सा
वीडियो सामने आने के बाद गांव में मामले को लेकर नाराजगी बढ़ गई. शनिवार को ग्रामीण स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल से पूरे मामले को लेकर सवाल किए. ग्रामीणों ने उसे जमकर खरी-खोटी सुनाई और पुलिस को भी सूचना दी. पुलिस ने स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल के बयान दर्ज किए हैं. पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी छात्र या छात्रा की ओर से मामले में लिखित शिकायत नहीं दी गई है. हालांकि वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है.
वीडियो सामने आने के बाद गांव में मामले को लेकर नाराजगी बढ़ गई. शनिवार को ग्रामीण स्कूल पहुंचे और प्रिंसिपल से पूरे मामले को लेकर सवाल किए. ग्रामीणों ने उसे जमकर खरी-खोटी सुनाई और पुलिस को भी सूचना दी. पुलिस ने स्कूल पहुंचकर प्रिंसिपल के बयान दर्ज किए हैं. पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी छात्र या छात्रा की ओर से मामले में लिखित शिकायत नहीं दी गई है. हालांकि वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है.
जांच के बाद ही पता चल सकेगा क्या है पूरा मामला
अब जांच के बाद ही साफ होगा कि वीडियो में दिखाई दे रही घटनाओं की पूरी स्थिति क्या थी और बच्चों को बांध पर किस परिस्थिति में ले जाया गया था. पुलिस वीडियो और संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है. फिलहाल इस मामले में किसी छात्र या छात्रा की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिलने की बात पुलिस ने कही है. घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. करीब 200 बच्चों को जंगल के रास्ते बांध तक ले जाने, वहां सुरक्षा इंतजाम नहीं होने और महिला शिक्षक के साथ नहीं होने को लेकर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं. अब पूरे मामले में पुलिस जांच के साथ यह भी देखना अहम होगा कि स्कूल की ओर से बच्चों को बाहर ले जाने के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे.
अब जांच के बाद ही साफ होगा कि वीडियो में दिखाई दे रही घटनाओं की पूरी स्थिति क्या थी और बच्चों को बांध पर किस परिस्थिति में ले जाया गया था. पुलिस वीडियो और संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है. फिलहाल इस मामले में किसी छात्र या छात्रा की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिलने की बात पुलिस ने कही है. घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. करीब 200 बच्चों को जंगल के रास्ते बांध तक ले जाने, वहां सुरक्षा इंतजाम नहीं होने और महिला शिक्षक के साथ नहीं होने को लेकर ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं. अब पूरे मामले में पुलिस जांच के साथ यह भी देखना अहम होगा कि स्कूल की ओर से बच्चों को बाहर ले जाने के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे.
मामला मेरे संज्ञान में अभी आया है। छात्र-छात्राओं के बयान और मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। – शकुंतला यादव मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी
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