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अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी गिरोह का एक और बदमाश पकड़ा:कंबोडियाई मोबाइल नंबर से चलाता था वॉट्सएप; इंडिया में रहकर चीनी हैंडलर से कॉन्टैक्ट


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अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी गिरोह का एक और बदमाश पकड़ा:कंबोडियाई मोबाइल नंबर से चलाता था वॉट्सएप; इंडिया में रहकर चीनी हैंडलर से कॉन्टैक्ट

अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी गिरोह का एक और बदमाश पकड़ा:कंबोडियाई मोबाइल नंबर से चलाता था वॉट्सएप; इंडिया में रहकर चीनी हैंडलर से कॉन्टैक्ट

जयपुर : राजस्थान पुलिस की ओर से स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी और साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर विशेष अभियान के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने गिरोह के एक और आरोपी को सीकर से अरेस्ट किया है। साथ ही इस संगठित गिरोह में अब तक कुल 9 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

​भारत में रहकर वह कंबोडियाई मोबाइल नंबर से वॉट्सएप चलाकर चीनी हैंडलर ‘Atai’ के कॉन्टैक्ट में रहकर नए शिकार फंसाने में जुटा था।

एडीजी (साइबर क्राइम) विजय कुमार सिंह ने बताया- भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) से मिली सूचना, तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी मोहम्मद सद्दाम अंसारी उर्फ जेरी को सीकर से अरेस्ट किया गया है।

कम्बोडिया के शॉपिंग मॉल में जॉब का दिया झांसा

विजय कुमार सिंह ने बताया- साल 2023 में आरोपी मोहम्मद सद्दाम का कॉन्टैक्ट कथित एजेंट मुबारिक खान निवासी रोलसाबसर से हुआ था। एजेंट ने कम्बोडिया के एक शॉपिंग मॉल में जॉब दिलाने का आश्वासन देकर 40 हजार कैश लेकर इलेक्ट्रॉनिक वीजा और हवाई टिकट उपलब्ध कराए। 31 अक्टूबर 2023 को आरोपी मोहम्मद सद्दाम अपने तीन साथियों अनिल, पंकज व राशिद के साथ जयपुर से कम्बोडिया गया।

कम्बोडिया में पोईपेट स्थित कंपनी में जॉब किया। आंखों की परेशानी के कारण वह लंबे समय तक कम्प्यूटर पर काम नहीं कर सके। इसके बाद उन्हें ऑफिस की देख-रेख व वर्कर्स तक खाना, कंबल आदि पहुंचाने का काम सौंपा गया। वे एचआर संबंधी काम करने लगे। उन्हें हर महीने करीब 800 अमेरिकी डॉलर सैलेरी मिलती थी।

कंपनी में 200 कर्मचारी, अलग-अलग नाम से बुलाते थे

जानकारी के अनुसार- कंपनी में करीब 200 कर्मचारी थे, जिन्हें वास्तविक नामों के बजाय अलग-अलग उपनामों से बुलाया जाता था। इनमें बड़ी संख्या राजस्थान के ब्यावर क्षेत्र के लोगों की थी, जबकि कुछ वर्कर सीकर एवं केरल से भी थे। जनवरी और फरवरी 2024 में उसने कुछ अन्य लोगों को भी जॉब के लिए कम्बोडिया बुलाया। इसके बदले कम्पनी से प्रति व्यक्ति 300 अमेरिकी डॉलर कमीशन लेता था। संबंधित व्यक्तियों से विदेश भेजने के लिए 30-30 हजार रुपए लिए गए। मोहम्मद स‌द्दाम कम्बोडिया तीन अलग-अलग समय में गया और करीब दो साल तक वहां रहा।

भारत में रहकर भी विदेशी हैंडलर से कॉन्टैक्ट

जांच में सामने आया कि गिरोह से जुड़े कुछ आरोपी भारत लौटने के बाद भी कंबोडिया के नंबरों के माध्यम से वॉट्सऐप पर चाइनीज हैंडलर Atai के कॉन्टैक्ट में थे। वे नए लोगों को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजने की तैयारी कर रहे थे। पुलिस ने बताया- मामले में बरामद डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण जारी है। अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी, मानव तस्करी और क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी से जुड़े इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान, गिरफ्तारी और वित्तीय लेन-देन की जांच जारी है। राज्य की अन्य जांच एजेंसियां भी आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं।

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