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पड़ौसी ने गला काटकर की थी प्रेग्नेंट महिला की हत्या:परिवार ने 22 घंटे तक किया धरना प्रदर्शन; अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा


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पड़ौसी ने गला काटकर की थी प्रेग्नेंट महिला की हत्या:परिवार ने 22 घंटे तक किया धरना प्रदर्शन; अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा

परिजनों और प्रशासन के बीच हुई सहमति, 21 लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी

धोद : सीकर के धोद थाना क्षेत्र के सरवड़ी गांव में गर्भवती महिला प्रियंका की मौत के बाद धोद थाने के बाहर चल रहा धरना शनिवार को समाप्त हो गया। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और परिजनों के बीच विभिन्न मांगों पर सहमति बनने के बाद यह धरना खत्म हुआ। शुक्रवार को शुरू हुआ यह प्रदर्शन रातभर जारी रहा, जिसके बाद शनिवार सुबह करीब चार घंटे की वार्ता में आर्थिक सहयोग सहित सभी प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी।

21 लाख रुपए की मदद और फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

धरना खत्म होने से पहले प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच कई दौर की वार्ता हुई। समझौता वार्ता में 21 लाख रुपए की आर्थिक मदद करने की घोषणा हुई है। सहमति के अनुसार पीड़ित परिवार को कुल 21 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसमें 11 लाख रुपए की सहायता राशि धोद विधायक ओर सरकार के सहयोग के द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि शेष 10 लाख रुपए जनसहयोग से एकत्र किए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।

सरवड़ी के निवर्तमान सरपंच रामस्वरूप भास्कर ने बताया कि इस रकम की मृतका के 3 वर्षीय बेटे के नाम FD कराई जाएगी। इसके अलावा मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रोसीक्यूटर) नियुक्त करने और निष्पक्ष व जल्द जांच का आश्वासन दिया गया है। SDM राहुल मल्होत्रा ने बताया कि पुलिस मामले में निष्पक्ष और तेजी से जांच करेगी, ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।

बीते दिन हुई थी छह घंटे वार्ता

इससे पहले शुक्रवार को भी प्रशासन और परिजनों के बीच करीब छह घंटे तक वार्ता हुई थी। उस दौरान फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की उपयुक्त धाराएं जोड़ने, डीएसपी स्तर के अधिकारी से जांच, पीड़ित परिवार एवं गवाहों की सुरक्षा तथा विशेष लोक अभियोजक की नियुक्ति जैसी अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई थी। हालांकि, आर्थिक सहयोग के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई थी, जिसके कारण धरना रातभर जारी रहा।

वार्ता के दौरान धोद विधायक गोरधन वर्मा ने कहा कि उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और सहमति बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए हैं। उन्होंने सीकर कलेक्टर से भी इस संबंध में चर्चा की है।

शनिवार को दोबारा हुई वार्ता में आर्थिक सहायता के मुद्दे पर भी सहमति बन गई। धोद एसडीएम राहुल मल्होत्रा ने बताया कि मामले में आरोपी को शीघ्र से शीघ्र सजा दिलाने के लिए त्वरित जांच कराई जाएगी। साथ ही सरकार की योजनाओं के तहत नियमानुसार मिलने वाली सहायता भी पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराई जाएगी।

विधायक ने आश्वासन दिया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं और सहायता कोष के तहत नियमानुसार जो भी आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी, वह पीड़ित परिवार को दिलाई जाएगी। उन्होंने अपने स्तर पर भी सरकार से अधिकतम सहायता दिलाने के प्रयास जारी रखने की बात कही।

10 सूत्रीय मांगों पर सहमति के बाद धरना समाप्त

संघर्ष समिति के प्रतिनिधि एडवोकेट हनुमान सिंह पालवास और प्रशासक रामस्वरूप भास्कर ने बताया कि न्याय और पुनर्वास को लेकर रखी गई 10 सूत्रीय मांगों पर मांगों पर सहमति बन गई है। सहमति वार्ता में धोद विधायक गोरधन वर्मा, डॉ. बलवंत सिंह चिराना, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष निकिता राठौड़, अमर सिंह कर्णावत आदि शामिल थे।

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