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सिंघाना बाईपास पुलिया जर्जर, हादसे का खतरा:ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, तत्काल पुनर्निमाण की मांग


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सिंघाना बाईपास पुलिया जर्जर, हादसे का खतरा:ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, तत्काल पुनर्निमाण की मांग

सिंघाना बाईपास पुलिया जर्जर, हादसे का खतरा:ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, तत्काल पुनर्निमाण की मांग

सिंघाना : सिंघाना बाईपास सर्किल के पास स्थित पुलिया की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। जिससे यहां हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। पुलिया की बदहाल स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने मौके पर विरोध-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया और तत्काल पुनर्निर्माण की मांग की।

पैदल राहगीरों का निकलना हुआ मुश्किल

पुलिया पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिससे दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों का सुरक्षित आवागमन मुश्किल हो गया है। पैदल राहगीरों का पुलिया पार करना भी जोखिम भरा हो गया है। बरसात के दिनों में गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे वाहन चालक हादसे का शिकार हो सकते हैं।

लंबे समय से मरम्मत नहीं होने से पुलिया जर्जर

ग्रामीणों का कहना है कि यह पुलिया कई वर्ष पहले बनाई गई थी, लेकिन लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं होने के कारण अब यह पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यह मार्ग सिंघाना को जयपुर सहित कई क्षेत्रों से जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पुलिया का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया और कोई बड़ा हादसा हो गया, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि पुलिया का तकनीकी निरीक्षण कराकर तत्काल नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू कराया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक अस्थायी रूप से गड्ढों की मरम्मत, चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की जाए ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

ये रहे मौजूद

इस विरोध प्रदर्शन के दौरान अमित उसरिया, चरणसिंह उसरिया, रजत शर्मा, महेश जांगिड़, केसर चावला, सीताराम, शीला, रूडमल, ध्रुव उसरिया, पवन सावलोद, कृष्ण कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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