[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

8 सूत्री मांगों को लेकर आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन: SDM को सौंपा CM के नाम ज्ञापन


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
उदयपुरवाटीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

8 सूत्री मांगों को लेकर आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन: SDM को सौंपा CM के नाम ज्ञापन

संविदा नियम 2022 में शामिल करने, ₹26,000 न्यूनतम वेतन और ANM भर्ती में 50% आरक्षण की उठाई मांग, उदयपुरवाटी ब्लॉक की आशा सहयोगिनियों ने दी अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल

उदयपुरवाटी : कस्बे के जयपुर रोड़ पर स्थित एसडीएम कार्यालय परिसर में गुरुवार को ‘आशा सहयोगिनी एकता मंच’ के तत्वावधान में आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित व न्यायोचित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन अध्यक्ष सुशीला व ब्लॉक अध्यक्ष मीना सैनी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखण्ड अधिकारी सुमन सोनल को मुख्यमंत्री के नाम 8 सूत्री मांग का ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्यभर की आशा सहयोगिनियां चरणबद्ध आंदोलन व अनिश्चितकालीन धरने के लिए बाध्य होंगी। गुरुवार को 8 सूत्री मांग में समस्त आशा सहयोगिनियों को ‘राजस्थान सिविल सर्विसेज (कॉन्ट्रैक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स) रूल्स 2022’ के दायरे में लाकर राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। बढ़ती महंगाई के मद्देनजर न्यूनतम मासिक वेतन ₹26,000 तय किया जाए एवं प्रतिमाह समय पर मानदेय का भुगतान हो।

ANM भर्तियों में अनुभवी आशा सहयोगिनियों को 50 प्रतिशत का सीधा लाभ दिया जाए। सेवानिवृत्ति के बाद ₹10 लाख की एकमुश्त राशि तथा ₹12,000 प्रतिमाह पेंशन का प्रावधान हो। मूल स्वास्थ्य विभाग का ही कार्य करवाया जाए, अन्य विभागों के अतिरिक्त कार्यों से मुक्त रखा जाए।प्रदर्शन के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष मीना सैनी, रेखा वर्मा, सुमन योगी, राजबाला, संगीता कंवर, विजेता कंवर, मंजू सैनी, मीनू सैनी, अन्नु सेन सहित सैकड़ों आशा सहयोगिनियां मौजूद रहीं।

इनका कहना:
हम रात-दिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर पहुंचाती हैं, लेकिन आज भी अपने हक और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो हम लोकतांत्रिक अधिकार के तहत अनिश्चितकालीन अनशन करेंगे, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने पर संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी। – सुशीला, अध्यक्ष, आशा सहयोगिनी एकता मंच, उदयपुरवाटी, झुंझुनूं।

Related Articles