डूंगरी वाले बालाजी मंदिर का प्राचीन मार्ग बंद, आक्रोशित ग्रामीणों ने रास्ता खुलवाने के लिए तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
अवैध अतिक्रमण हटाने, रास्ता सुचारु करने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग; धार्मिक आयोजनों में आ रही बाधा से श्रद्धालुओं में नाराजगी
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल
उदयपुरवाटी : ग्राम पंचायत छापोली स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ‘डूंगरी वाले श्री बालाजी महाराज मंदिर’ के प्राचीन एवं सार्वजनिक रास्ते पर कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा अवैध रूप से बंद करने का मामला सामने आया है। रास्ता बंद होने से व्यथित ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने शनिवार को तहसीलदार झंडू राम कुड़ी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल अतिक्रमण हटवाने तथा दोषियों पर कड़ा संज्ञान लेने की मांग की है।
हजारों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है मंदिर रास्ता का मामला
तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि डूंगरी वाले बालाजी का मंदिर आसपास के दर्जनों गांवों के श्रद्धालुओं के लिए अगाध आस्था का केंद्र है। यहाँ हर वर्ष रामनवमी के अवसर पर दो दिवसीय विशाल धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें रामायण पाठ, सुंदरकांड, रात्रि जागरण, मेला, कुश्ती प्रतियोगिता, छंद व धमाल जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। इसके अलावा पवित्र श्रावण मास में आयोजित विशाल भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं प्रसाद ग्रहण करने पहुँचते हैं।
आवागमन बाधित, महिलाएं व बुजुर्ग परेशान
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मंदिर तक पहुँचने वाले वर्षों पुराने सार्वजनिक रास्ते को कुछ लोगों ने अवैध रूप से बंद कर दिया है। बालाजी मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, महिलाओं, बुजुर्गों तथा स्थानीय ग्रामीणों को बेहद कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रास्ते में रुकावट के कारण मंदिर की नियमित धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि राजस्व अभिलेखों यानि शजरा, नक्शा व जमाबंदी आदि के आधार पर उक्त मार्ग का तत्काल प्रशासनिक सत्यापन कराया जाए। मौके पर राजस्व टीम भेजकर सीमांकन (पैमाइश) एवं निरीक्षण कराया जाए।
यदि मार्ग सार्वजनिक या प्राचीन प्रचलित मार्ग साबित होता है, तो उस पर किए गए सभी अवैध अवरोधों को तुरंत हटाया जाए। जनहित एवं कानून से खिलवाड़ करने वाले संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया जाए। भविष्य में इस मार्ग को पुनः अवरुद्ध न किया जा सके, इसके लिए प्रशासन स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करे।
प्रमोद सैनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यह केवल रास्ते का मामला नहीं है, बल्कि हजारों ग्रामीणों की धार्मिक आस्था और सार्वजनिक अधिकार से जुड़ा विषय है। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन व प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बलराम, प्रहलाद राम, रमेश, अजीत, विकास, कानाराम, राजेश, कैलाश, दीपक मित्रा, ओमप्रकाश सहित छापोली ग्राम पंचायत के दर्जनों ग्रामीण व श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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