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लोयल गांव की मान नगर-चारावास सड़क पर बारिश से जलभराव: ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन, छह साल से बदहाल सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग, आंदोलन की चेतावनी


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लोयल गांव की मान नगर-चारावास सड़क पर बारिश से जलभराव: ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन, छह साल से बदहाल सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग, आंदोलन की चेतावनी

लोयल गांव की मान नगर-चारावास सड़क पर बारिश से जलभराव: ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन, छह साल से बदहाल सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग, आंदोलन की चेतावनी

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : क्षेत्र के लोयल गांव में एमडीआर-93 से मान नगर होकर चारावास जाने वाली सड़क पर बरसात के दौरान होने वाला जलभराव आमजन के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। यही सड़क लोयल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने का भी मुख्य मार्ग है। करीब 100 मीटर तक सड़क पर पानी भर जाने से मरीजों, ग्रामीणों, विद्यार्थियों और राहगीरों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। छह वर्षों से लगातार बनी इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता विकास काजला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने मौके पर प्रदर्शन कर प्रशासन से शीघ्र जल निकासी की व्यवस्था, सड़क की मरम्मत और समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की।

100 मीटर सड़क बनी तालाब, रोज हादसे का खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि एमडीआर-93 से मान नगर होकर चारावास जाने वाला यह प्रमुख संपर्क मार्ग प्रतिदिन सैकड़ों लोगों के आवागमन का मुख्य रास्ता है। बरसात के दौरान करीब 100 मीटर तक सड़क तालाब का रूप ले लेती है, जिससे लोगों को मजबूरी में पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे पानी में पूरी तरह ढक जाते हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता और आए दिन लोग फिसलकर घायल हो जाते हैं। यह मार्ग मान नगर, चारावास सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ता है, इसलिए हर दिन सैकड़ों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बारिश में मरीजों के लिए मुसीबत बना पीएचसी का मुख्य मार्ग

ग्रामीणों ने बताया कि लोयल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने का यह प्रमुख मार्ग है। बरसात के दौरान करीब 100 मीटर तक सड़क पर पानी भर जाने से मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को अस्पताल पहुंचाने में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता, जबकि एंबुलेंस और अन्य वाहन भी जलभराव के कारण धीमी गति से गुजरते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढे पानी में दिखाई नहीं देने से हर समय दुर्घटना और अनहोनी की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि कई दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो चुके हैं, जिससे लोगों में हमेशा अनहोनी का डर बना रहता है।

ई-मित्र संचालक जसवीर सिंह ने बताया कि सड़क पर लगातार पानी भरे रहने से आसपास के दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। ग्राहक जलभराव के कारण दुकानों तक नहीं पहुंच पाते, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई बार ई-मित्र केंद्र पर आने वाले लोग भी पानी में फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं।

रात्रि चौपाल से लेकर ग्रामीण सेवा शिविर तक उठा मुद्दा, फिर भी नहीं मिला समाधान

ग्रामीणों ने बताया कि सड़क पर जलभराव की समस्या नई नहीं है, बल्कि पिछले छह वर्षों से लगातार बनी हुई है। इस संबंध में जिला कलेक्टर की रात्रि चौपाल, ग्रामीण सेवा शिविर तथा अन्य प्रशासनिक मंचों पर कई बार शिकायतें और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक न तो सड़क की मरम्मत कराई गई और न ही जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की गई। हर बरसात में ग्रामीणों को इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। समस्या के समाधान में लगातार हो रही देरी से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। विरोध प्रदर्शन में जसवीर सिंह, मोनू काजला, बुधराम जांगिड़, दयाराम, महेश जांगिड़, संदीप महला, विकास, कमल, मोहित, रघुवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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