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गांजा तस्करी करने वालों की कार नीलामी के आदेश:विधानसभा चुनाव में नाकाबंदी में पकड़े गए थे; 3-3 साल जेल की सजा


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गांजा तस्करी करने वालों की कार नीलामी के आदेश:विधानसभा चुनाव में नाकाबंदी में पकड़े गए थे; 3-3 साल जेल की सजा

गांजा तस्करी करने वालों की कार नीलामी के आदेश:विधानसभा चुनाव में नाकाबंदी में पकड़े गए थे; 3-3 साल जेल की सजा

झुंझुनूं : एनडीपीएस अधिनियम के मामलों की विशिष्ट अदालत ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने सात किलो 300 ग्राम गांजा रखने के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल के जेल और 30-30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय के आदेशानुसार, जुर्माना अदा नहीं करने पर दोनों दोषियों को तीन-तीन महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

इसके साथ ही, मामले में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को अधिहरण कर नियमानुसार नीलाम कर राशि राजकोष में जमा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। ​विशिष्ट न्यायाधीश जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार पंचोली ने यह निर्णय सुनाते हुए भूपेंद्र स्वामी उर्फ चिपेश पुत्र ग्यारसीलाल निवासी जातावास, बगड़ तथा धर्मवीर उर्फ रामधन पुत्र सुभाषचंद्र निवासी इस्लामपुर, बगड़ को दोषी करार दिया।

​चुनाव के दौरान नाकाबंदी में ऐसे पकड़े गए थे आरोपी

  • ​अभियोजन के अनुसार, 16 अक्टूबर 2023 को विधानसभा चुनाव-2023 के मद्देनजर तत्कालीन बगड़ थानाधिकारी पुलिस जाब्ते के साथ बगड़ बाईपास रोड स्थित जयपहाड़ी चौराहे के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच कर रहे थे। रात करीब 8.50 बजे झुंझुनूं की ओर से आई एक कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे रोक लिया।
  • ​तलाशी के दौरान कार में सवार दोनों आरोपियों के बीच गियर के पास रखे प्लास्टिक के कट्टे से सात किलो 300 ग्राम गांजा बरामद हुआ। जब आरोपियों से गांजा परिवहन के संबंध में लाइसेंस या परमिट मांगा गया, तो वे कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर गांजा और कार जब्त कर ली।

​12 गवाह और 64 दस्तावेज हुए पेश

  • ​मामले में राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक रामावत ढंका ने पैरवी करते हुए 12 गवाहों के बयान कराए तथा 64 दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए। अभियोजन ने तर्क दिया कि समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को देखते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
  • ​न्यायालय ने साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। साथ ही आदेश दिया कि यदि अपील नहीं होती है अथवा अपील की अवधि समाप्त हो जाती है तो नियमानुसार कार की नीलाम कर प्राप्त राशि राजकोष में जमा कराई जाएगी।

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