[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

जंतर-मंतर पहुंचा JIH प्रतिनिधिमंडल, सोनम वांगचुक से मुलाकात कर छात्र आंदोलन का किया समर्थन


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़नई दिल्लीराज्य

जंतर-मंतर पहुंचा JIH प्रतिनिधिमंडल, सोनम वांगचुक से मुलाकात कर छात्र आंदोलन का किया समर्थन

जंतर-मंतर पहुंचा JIH प्रतिनिधिमंडल, सोनम वांगचुक से मुलाकात कर छात्र आंदोलन का किया समर्थन

नई दिल्ली : जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने NEET परीक्षा में अनियमित्ताओं के खिलाफ जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन का दौरा किया। उन्होंने प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और शिक्षा सुधार के समर्थक सोनम वांगचुक तथा छात्रों के अधिकारों और शैक्षिक न्याय के लिए लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे अन्य छात्र नेताओं के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
इस प्रतिनिधिमंडल में जमाअत के उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर एवं मलिक मोतसिम खान तथा राष्ट्रीय सचिव मौलाना शफी मदनी और सहायक सचिव लइक़ अहमद खान शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने उन सभी लोगों के प्रति जमाअत-ए-इस्लामी हिंद का समर्थन व्यक्त किया जो छात्रों और देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मामलों में न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए शांतिपूर्ण ढंग से प्रयास कर रहे हैं।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सोनम वांगचुक से बहुत क़रीब से मुलाकात की क्योंकि लंबी भूख हड़ताल के कारण उनकी सेहत काफी खराब हो गई है। प्रतिनिधिमंडल ने विरोध-प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की जिनमें जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) के सदस्य भी शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल ने सोनम वांगचुक और भूख हड़ताल कर रहे कई अन्य प्रदर्शनकारियों की बिगड़ती सेहत पर गहरी चिंता जताई।
सभा को संबोधित करते हुए प्रोफेसर सलीम इंजीनियर ने देश भर में शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के लिए जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के समर्थन की पुष्टि की और कहा कि संगठन छात्रों के अधिकारों की रक्षा करने और शिक्षा प्रणाली में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हर लोकतांत्रिक पहल के साथ खड़ा है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जमाअत का समर्थन पूरी तरह से न्याय, संवैधानिक अधिकारों और जनहित के सिद्धांतों पर आधारित है और यह किसी भी तरह की पक्षपाती राजनीतिक सोच से स्वतंत्र है।
जमाअत के पदाधिकारियों ने दोहराया कि संगठन ने NEET परीक्षा से जुड़ी अनियमित्ताओं पर लगातार चिंता जताई है और शुरू से ही छात्रों की जायज़ लोकतांत्रिक मांगों का समर्थन किया है। उन्होंने ज़ोर दिया कि जवाबदेही की मांग करने वाले शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और संवैधानिक आंदोलन प्रोत्साहन और रचनात्मक बातचीत के हकदार हैं।
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने सरकार से अपील की है कि वह सहानुभूति और संवेदनशीलता के साथ प्रतिक्रिया दे, खासकर उन लोगों की बिगड़ती सेहत को देखते हुए जो भूख हड़ताल पर हैं। संगठन ने सरकार से कहा है कि वह छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ तुरंत सार्थक बातचीत शुरू करे, उनकी उचित चिंताओं पर विचार करे और उनकी उचित मांगों को पूरा करने के लिए शीघ्र कदम उठाए। जमाअत ने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और शिक्षा के क्षेत्र में न्याय की मांग करने वाले शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों पर बातचीत के ज़रिए सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलनी चाहिए। साथ ही, छात्रों के अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए सभी कानूनी प्रयासों को अपना समर्थन देने की बात भी दोहराई।

Related Articles