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झुंझुनूं की रिजवाना ने रचा इतिहास


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झुंझुनूं की रिजवाना ने रचा इतिहास

नीट में 639 अंक और ऑल इंडिया 2407वीं रैंक, जिले की ओबीसी वर्ग की टॉपर बनीं

झुंझुनूं :“लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती…” इस कहावत को झुंझुनूं की बेटी रिजवाना सैय्यद ने सच कर दिखाया है। हाल ही में जारी हुए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) में झुंझुनूं की बेटी रिजवाना सैय्यद ने शानदार सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। रिजवाना ने 639 अंक प्राप्त करते हुए ऑल इंडिया रैंक 2407 हासिल की है। इसके साथ ही वे झुंझुनूं जिले में ओबीसी वर्ग की टॉपर बनी हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिवार और समाज में खुशी का माहौल है।

दो बार चूकीं, तीसरी कोशिश में मिली सफलता

रिजवाना की सफलता के पीछे वर्षों का संघर्ष छिपा है। इससे पहले वे लगातार दो बार नीट परीक्षा में महज दो-दो अंकों से चयन से वंचित रह गई थीं। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और निरंतर मेहनत जारी रखी। पेपर लीक और परीक्षा को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बीच भी उन्होंने अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा और आखिरकार सफलता हासिल की।

अब एक ही परिवार में चार डॉक्टर

रिजवाना, मोहम्मद रुस्तम सैय्यद की पुत्री हैं। आठ भाई-बहनों वाले इस परिवार में अब चार सदस्य चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ गए हैं। बड़े भाई डॉ. रियाज फिजियोथेरेपिस्ट हैं, दूसरे भाई रिहान एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र हैं और बड़ी बहन सुम्मेया भी एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही हैं। अब रिजवाना भी जल्द एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करेंगी।

‘निरंतर मेहनत ही सफलता की कुंजी’

रिजवाना ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग और बड़े भाई-बहनों से मिली प्रेरणा को दिया। उन्होंने कहा कि उनका सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, विशेषकर बेटियों से अपील करते हुए कहा कि परिस्थितियां कैसी भी हों, लक्ष्य से कभी भटकना नहीं चाहिए। लगातार मेहनत और अनुशासन से सफलता अवश्य मिलती है।

परिवार में खुशी का माहौल

रिजवाना की सफलता पर परिजनों, रिश्तेदारों और समाज के लोगों ने उनके घर पहुंचकर बधाई दी। मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया गया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। बड़े भाई रिजवान सैय्यद ने कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और परिवार के चार बच्चों का डॉक्टर बनना पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय है।

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