मंजू देवी मृत्यु प्रकरण : जांच में बिरला अस्पताल और डॉ. आरके जैन को क्लीन चिट
मंजू देवी की मौत का मामला : विशेषज्ञ समिति और सीएमएचओ की जांच में लापहरवाही नहीं मिली
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : निरंजन सैन
पिलानी : बिरला सार्वजनिक अस्पताल में वर्ष 2023 में हुए ऑपरेशन के बाद मरीज मंजू देवी की मृत्यु से जुड़े चर्चित मामले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की समिति और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) की जांच में अस्पताल प्रबंधन एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. आरके जैन की ओर से चिकित्सकीय लापरवाही नहीं पाए जाने की पुष्टि हुई है।
राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर गठित विशेषज्ञ समिति और सीएमएचओ, झुंझुनूं द्वारा की गई जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि मामले से जुड़े सभी चिकित्सा अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण किया गया। इसमें बिरला सार्वजनिक अस्पताल, पिलानी तथा बाद में उपचार देने वाले जयपुर स्थित अस्पतालों के रिकॉर्ड भी शामिल रहे।
ऑपरेशन के दौरान बदली गई सर्जरी की प्रक्रिया
रिपोर्ट के अनुसार, 8 दिसंबर 2023 को पेट दर्द की शिकायत पर मंजू देवी को बिरला सार्वजनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जांच में पित्ताशय में पथरी मिलने पर लेप्रोस्कोपिक कोलेसिस्टेक्टॉमी की योजना बनाई गई। हालांकि, ऑपरेशन के दौरान पित्ताशय में अत्यधिक सूजन और घने चिपकाव मिलने पर मरीज की लिखित सहमति के बाद ओपन सर्जरी की गई।
बाद में तबीयत बिगड़ने पर मरीज को जयपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया, जहां ईआरसीपी, सीबीडी स्टेंटिंग सहित आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाएं की गईं।
‘यह शल्य चिकित्सा की ज्ञात जटिलता’
विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पुरानी पित्ताशय की बीमारी, पथरी, एडेनोमायोमेटस हाइपरप्लासिया, गंभीर सूजन और घने चिपकाव जैसी परिस्थितियों में पित्त नली अथवा रक्त वाहिका को चोट लगना शल्य चिकित्सा की ज्ञात जटिलताओं में शामिल है। ऐसी स्थिति को चिकित्सकीय लापरवाही नहीं माना जा सकता।
समिति ने निष्कर्ष दिया कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर सर्जिकल प्रक्रिया में चिकित्सक की ओर से किसी प्रकार की जानबूझकर की गई लापरवाही सामने नहीं आई।
मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डॉ. जैन
बिरला सार्वजनिक अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. आरके. जैन ने कहा कि अस्पताल की पूरी चिकित्सकीय टीम मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों के अस्पताल और चिकित्सकों की छवि धूमिल करने के प्रयास उचित नहीं हैं। अस्पताल भविष्य में भी पूरी पारदर्शिता, मानवीय संवेदनाओं और समर्पण के साथ जनसेवा करता रहेगा।
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