राजकीय भूमि के नामांतरण में लापरवाही पर नरहड़ पटवारी निलंबित
GLMAC की प्रक्रिया दरकिनार कर नामांतरण बढ़ाने का आरोप, जिला कलेक्टर ने की कार्रवाई
झुंझुनूं : चिड़ावा तहसील के नरहड़ हल्का पटवारी राहुल सिंह को राजकीय भूमि के नामांतरण प्रकरण में गंभीर लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया है। जिला कलेक्टर ने मामले की जांच के बाद राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत विभागीय कार्रवाई प्रस्तावित करते हुए निलंबन आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन के अनुसार ग्राम नरहड़ स्थित कस्टोडियन विभाग के नाम दर्ज खसरा संख्या 276 (रकबा 8.29) एवं खसरा संख्या 1512 (रकबा 1.16) से जुड़े नामांतरण प्रकरण में पटवारी राहुल सिंह ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया। आरोप है कि उन्होंने राजकीय भूमि नामांतरण परामर्श समिति (GLMAC) के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत करने के बजाय ऑनलाइन पोर्टल पर गलत विकल्प का चयन कर सीधे नायब तहसीलदार की आईडी पर अग्रेषित कर दिया।
जांच में सामने आया कि GLMAC की 4 नवंबर 2025 की बैठक में संबंधित आवेदन निरस्त कर तहसीलदार चिड़ावा को अपील अथवा नो-अपील के निर्णय के लिए सक्षम स्तर पर भेजने का निर्णय लिया गया था। इसके अनुरूप पटवारी ने नामांतरण निरस्त भी कर दिया था, लेकिन बाद में 13 मार्च 2026 को उसी भूमि के नामांतरण का नया प्रकरण दर्ज कर समिति के समक्ष पेश किए बिना आगे बढ़ा दिया।
जिला प्रशासन ने इसे समिति के निर्देशों की अवहेलना, गंभीर लापरवाही तथा राज्यहित के विपरीत कार्य माना है। आरोप है कि इस प्रक्रिया से राजकीय भूमि का निजी व्यक्तियों के पक्ष में नियम विरुद्ध नामांतरण करने का प्रयास किया गया।
क्या है GLMAC?
राजकीय भूमि नामांतरण परामर्श समिति (GLMAC) जिला स्तर की सलाहकार समिति है, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करते हैं। समिति में अतिरिक्त जिला कलेक्टर, उपविधि परामर्शी और प्रभारी अधिकारी भू-अभिलेख सदस्य होते हैं। राजकीय भूमि से जुड़े नामांतरण मामलों में समिति की अनुशंसा के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाती है।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19






Total views : 2235563


