गुरु हरगोबिंद साहिब का प्रकाशोत्सव मनाया:श्रीमाधोपुर गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन हुआ, 11 साल की उम्र में बने थे सिखों के छठे गुरु
गुरु हरगोबिंद साहिब का प्रकाशोत्सव मनाया:श्रीमाधोपुर गुरुद्वारे में शबद-कीर्तन हुआ, 11 साल की उम्र में बने थे सिखों के छठे गुरु
श्रीमाधोपुर : मंगलवार को श्रीमाधोपुर के पंजाबी मोहल्ला स्थित गुरुद्वारा सिंह सभा में सिखों के छठे गुरु हरगोबिंद साहिब का प्रकाशोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर विशेष दीवान का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। अखंड पाठ की समाप्ति के उपरांत श्रद्धालुओं ने ‘दीन दुनी दा पातशाह, पातशाहा अडोला’ सहित विभिन्न शबदों का कीर्तन किया। कार्यक्रम में श्री जपजी साहिब और श्री सुखमणि साहिब का पाठ भी हुआ, साथ ही आसा दी वार का गायन भी किया गया।
इस अवसर पर सरदार अर्जुन सिंह ने बताया – गुरु हरगोबिंद साहिब का जन्म साल 1595 में हुआ था। वे गुरु अर्जुन देव के एकमात्र पुत्र थे और मात्र 11 वर्ष की आयु में 1606 में गुरुगद्दी पर विराजमान हुए। गुरु हरगोबिंद साहिब ने सिख समाज को संगठित कर मानवाधिकारों और धर्म की रक्षा के लिए नई दिशा प्रदान की।
उनके द्वारा धारण की गई दो तलवारें ‘मीरी’ और ‘पीरी’ क्रमशः सांसारिक एवं आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक हैं। उनके कार्यकाल में अमृतसर स्थित अकाल तख्त का निर्माण भी हुआ। कार्यक्रम में सरदार उत्तम सिंह, रमेशलाल वधवा, संजीव खुराना, अमरजीत सिंह, महेश पंजाबी, सरदार रतन सिंह, भीमराज पंजाबी, यश सतीजा और टेकचंद नारंग सहित बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु उपस्थित थीं।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19





Total views : 2234254


