यमुना जल समझौते से शेखावाटी को मिलेगी नई जीवनधारा, राजस्थान-हरियाणा के बीच एमओए पर हस्ताक्षर
यमुना जल समझौते से शेखावाटी को मिलेगी नई जीवनधारा, राजस्थान-हरियाणा के बीच एमओए पर हस्ताक्षर
जयपुर/झुंझुनूं : यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच सोमवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन में ऐतिहासिक समझौता (एमओए) हुआ। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के बाद शेखावाटी क्षेत्र सहित राजस्थान के कई इलाकों को यमुना का पानी मिलने का रास्ता साफ हो गया है। करीब 34 हजार 102 करोड़ रुपए की इस परियोजना के तहत हथिनीकुंड बैराज से लगभग 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से चूरू जिले के हंसियावास जलाशय तक पानी पहुंचाया जाएगा।

परियोजना के तहत तीन भूमिगत पाइपलाइन, निरीक्षण सड़क, कृत्रिम जलाशय और आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी। राजस्थान सरकार द्वारा परियोजना की डीपीआर केंद्रीय जल आयोग को भेजी जा चुकी है, वहीं हरियाणा ने पाइपलाइन अलाइनमेंट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। परियोजना के निर्माण और संचालन के लिए राजस्थान-हरियाणा यमुना वाटर एसपीवी का गठन किया जाएगा।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि यमुना जल समझौता सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से हरियाणा और राजस्थान के लोगों की पानी से जुड़ी करीब तीन दशक पुरानी समस्या का समाधान होगा। समझौते में वित्तीय जिम्मेदारी, जल आवंटन, जल छोड़ने के प्रोटोकॉल, रखरखाव और निगरानी व्यवस्था को शामिल किया गया है।
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1994 में हुए समझौते के तहत राजस्थान को यमुना का पानी आवंटित किया गया था, लेकिन आवश्यक प्रवाह प्रणाली नहीं होने से राजस्थान अपने हिस्से के पानी का पूर्ण उपयोग नहीं कर पाया। अब यह परियोजना अंतरराज्यीय जल प्रबंधन का एक मॉडल बनेगी।

उन्होंने कहा कि परियोजना से चूरू, सीकर और झुंझुनूं सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल की दीर्घकालिक समस्या का समाधान होगा। साथ ही भविष्य में ऊपरी यमुना बेसिन की भंडारण परियोजनाओं से सिंचाई सहित अन्य जरूरतें भी पूरी की जा सकेंगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदनशील सोच और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण दशकों से लंबित यमुना जल समझौता अब धरातल पर आ सका है। उन्होंने कहा कि यह समझौता शेखावाटी क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात है। हथिनीकुंड बैराज से भूमिगत पाइपलाइन के जरिए राजस्थान में पानी पहुंचेगा, जिससे पेयजल संकट दूर होगा।
मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हुई है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा इस परियोजना में पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति तक पानी पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। समझौते के अवसर पर राजस्थान और हरियाणा के मुख्य सचिव सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19







Total views : 2232949


