नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. आर. रवि बाबू ने बीआईटीएस पिलानी में क्लाइमेट चेंज फंड परियोजना की समीक्षा की
नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक डॉ. आर. रवि बाबू ने बीआईटीएस पिलानी में क्लाइमेट चेंज फंड परियोजना की समीक्षा की
झुंझुनूं : राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड), राजस्थान क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) डॉ. आर. रवि बाबू ने शुक्रवार को झुंझुनूं जिले के दौरे के दौरान बीआईटीएस पिलानी का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने नाबार्ड के क्लाइमेट चेंज फंड (सीसीएफ) के तहत संचालित महत्वपूर्ण परियोजना की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौधों एवं फसल अवशेषों से फोडर पेलेट (पशु चारा पेलेट) विकसित करने वाली परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। परियोजना का उद्देश्य कृषि अपशिष्ट का वैज्ञानिक उपयोग कर किसानों की आय बढ़ाना और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए टिकाऊ समाधान विकसित करना है।
परियोजना प्रभारी डॉ. सुशील यादव एवं उनकी टीम ने फोडर पेलेट निर्माण प्रक्रिया, तकनीकी परीक्षणों, अब तक की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। बैठक में परियोजना के तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
डॉ. आर. रवि बाबू ने परियोजना टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल कृषि अवशेष प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने फोडर पेलेट की गुणवत्ता, शेल्फ लाइफ बढ़ाने तथा उत्पादन प्रक्रिया को अधिक पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए अनुसंधान पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि परियोजना के सफल विकास के बाद किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को इस तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, जिससे वे स्वरोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें और उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके।
मुख्य महाप्रबंधक ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना टिकाऊ कृषि एवं पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ कृषि अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन का प्रभावी मॉडल बनेगी और किसानों के लिए नए आर्थिक अवसर उपलब्ध कराएगी।
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