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किसानों ने रेल मंत्री से की मुलाकात:श्री सीमेंट रेल लाइन पर विवाद, किसानों ने भूमि बचाने की मांग उठाई


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किसानों ने रेल मंत्री से की मुलाकात:श्री सीमेंट रेल लाइन पर विवाद, किसानों ने भूमि बचाने की मांग उठाई

किसानों ने रेल मंत्री से की मुलाकात:श्री सीमेंट रेल लाइन पर विवाद, किसानों ने भूमि बचाने की मांग उठाई

नवलगढ़ : नवलगढ़ से गोठड़ा स्थित श्री सीमेंट प्लांट तक प्रस्तावित रेल लाइन को लेकर प्रभावित किसानों ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान किसानों ने अपनी बहुफसली सिंचित भूमि को बचाने और परियोजना को पिलर पर या भूमिगत बनाए जाने की मांग रखी।

किसान नेता विजेंद्र सिंह काजला ने रेल मंत्री को बताया- प्रस्तावित रेल लाइन से हजारों किसानों की उपजाऊ और सिंचित भूमि प्रभावित हो रही है। किसानों का आरोप है कि बिना उचित मुआवजा दिए उनकी जमीन रेलवे के नाम दर्ज कर ली गई है, जिससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। यह रेल लाइन मुख्य रूप से श्री सीमेंट लिमिटेड के संयंत्र के लिए प्रस्तावित बताई जा रही है।

भूमि अधिग्रहण कानून के पालन की मांग

किसानों ने वर्ष 2023 में श्री सीमेंट और किसानों के बीच हुए 26 लाख रुपये प्रति बीघा के समझौते को मुआवजे का आधार मानने पर भी जोर दिया।

भूमिगत या पिलर पर रेल लाइन बनाने की अपील

किसानों ने रेल मंत्री से आग्रह किया कि रेल लाइन को जमीन के ऊपर पिलर पर या भूमिगत बनाया जाए, ताकि कृषि भूमि सुरक्षित रह सके। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को रेलवे और कंपनी में रोजगार देने की भी मांग रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पूर्व में किया गया सर्वे अधूरा और असंतोषजनक है, इसलिए जमीन, मकानों और पेड़-पौधों का पुनः विस्तृत सर्वे कराया जाए। इस दौरान पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद ने भी रेल मंत्री से किसानों के हित में न्यायपूर्ण कार्रवाई करने का आग्रह किया।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल किसान नेता

इस अवसर पर विजेंद्र सिंह काजला, ताराचंद भास्कर, नंदलाल गर्वा, मामराज मूंड, सुरेश दूत, किशोर, ओमप्रकाश पूनिया, रोहित मील, संदीप पूनिया, शेर सिंह मील, अशोक स्वामी और संजय भामू सहित कई किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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