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बिजली-पानी संकट पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; रुकनसर और भाकरवासी GSS पर किसान सभा का जोरदार प्रदर्शन


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बिजली-पानी संकट पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; रुकनसर और भाकरवासी GSS पर किसान सभा का जोरदार प्रदर्शन

​48 घंटे से अंधेरे में डूबे कई गांव; अघोषित बिजली कटौती से पेयजल संकट गहराया, विद्यार्थियों की पढ़ाई ठप

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : अनिल शेखीसर

सीकर : ग्रामीण इलाकों में पिछले दो दिनों से जारी अघोषित बिजली कटौती और उसके कारण पैदा हुए गंभीर पेयजल संकट के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में आक्रोशित ग्रामीणों ने रुकनसर और भाकरवासी जीएसएस (GSS) पर धावा बोलते हुए तीन-तीन घंटे तक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

​पिछले 48 घंटों से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप होने के कारण गांवों में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लगातार बिजली गुल रहने से नलकूप और जल योजनाएं बंद पड़ी हैं, जिससे ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, इस भीषण कटौती के कारण स्कूली छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

​बिजली व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर:
कॉमरेड कपिल ने ​धरना स्थल पर मौजूद आक्रोशित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के तहसील सचिव कॉमरेड कपिल ने बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। बार-बार और लंबे समय तक की जा रही अघोषित कटौती से आमजन का जीना मुहाल हो गया है। विभाग की इस लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कॉमरेड कपिल ने प्रशासन से मांग की कि ग्रामीण क्षेत्रों में तुरंत सुधार किया जाए और बिना किसी बाधा के निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

​समाधान नहीं हुआ तो ठप करेंगे चक्का जाम, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
​प्रदर्शन के दौरान किसान सभा के पदाधिकारियों और किसानों ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि क्षेत्र की इस गंभीर समस्या का शीघ्र और स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। ग्रामीणों ने साफ किया कि अगली बार बिजलीघरों के घेराव के साथ-साथ सड़कों पर उतरकर चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

​धरने में ये रहे मौजूद:
​हक की इस लड़ाई और प्रदर्शन में किसान सभा के तहसील अध्यक्ष कैलाश बलारा, अरशद खान, कृष्ण शेखिसर, फारूक, ढोलू, शकील, अरशद कॉमरेड, समीर, रफीक, सोयल, अरशद, यूनुस, शमशेर, मोसिम, सानिफ, प्रदीप बेगड़, असलम सहित भारी संख्या में स्थानीय किसान और ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

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