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प्रशिक्षण के दौरान बिगड़ी तबीयत, सीआईएसएफ जवान संतोष वर्मा का निधन; राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई


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प्रशिक्षण के दौरान बिगड़ी तबीयत, सीआईएसएफ जवान संतोष वर्मा का निधन; राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

भवानीपुरा में तिरंगा यात्रा के साथ उमड़ा जनसैलाब, गार्ड ऑफ ऑनर देकर दी अंतिम सलामी; जनवरी में ही हुए थे सीआईएसएफ में भर्ती

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : अरविन्द कुमार

जाजोद : केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान संतोष कुमार वर्मा (26) का छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षण के दौरान तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया। रविवार को उनकी पार्थिव देह पैतृक गांव भवानीपुरा पहुंची, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जवान के बड़े भाई सुभाष वर्मा ने मुखाग्नि दी।

जानकारी के अनुसार भवानीपुरा निवासी संतोष कुमार वर्मा जनवरी 2026 में सीआईएसएफ में भर्ती हुए थे और वर्तमान में छत्तीसगढ़ में प्रशिक्षण ले रहे थे। प्रशिक्षण के दौरान दौड़ लगाते समय उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें तत्काल उपचार के लिए रायपुर के दुर्ग राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

जवान की पार्थिव देह रींगस पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उन्हें शहीद का दर्जा देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर पुलिस थाने के बाहर करीब एक घंटे तक धरना दिया। मौके पर पहुंचे विधायक सुभाष मील और उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार ने ग्रामीणों से वार्ता की। विधायक द्वारा गांव में शहीद स्मारक बनवाने का आश्वासन दिए जाने के बाद धरना समाप्त हुआ।

इसके बाद रींगस से भवानीपुरा तक भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। सैकड़ों युवाओं ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की। यात्रा के दौरान पूरा क्षेत्र राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।

भवानीपुरा में आयोजित अंतिम संस्कार में विधायक सुभाष मील, पूर्व विधायक महादेव सिंह, उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने पुष्पचक्र अर्पित कर दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि दी।

सीआईएसएफ की टुकड़ी ने इंस्पेक्टर रूप सिंह के नेतृत्व में गार्ड ऑफ ऑनर देकर जवान को अंतिम सलामी दी। संतोष कुमार वर्मा पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर थे। उनके पिता शंकरलाल मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

जवान के असामयिक निधन से भवानीपुरा सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों की भीड़ उमड़ी, जिन्होंने नम आंखों से अपने लाडले सपूत को अंतिम विदाई दी।

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